{"_id":"7c4665fe-adc4-11e2-93d9-d4ae52bc57c2","slug":"society-should-introspect-president-pranab-on-rising-rape-cases","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से चिंतित राष्ट्रपति","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
बलात्कार की बढ़ती घटनाओं से चिंतित राष्ट्रपति
भुवनेश्वर/एजेंसी
Updated Thu, 25 Apr 2013 09:53 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश में महिलाओं और बच्चियों के साथ दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं को चिंताजनक करार देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि इस तरह की घटनाओं ने देश की अंतरात्मा को झकझोर दिया है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि समाज महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में असफल रहा है और इसके लिए उसे आत्म विश्लेषण करने की जरूरत है। समाज को अपनी आत्मा में झांकने का समय आ गया है।
विज्ञापन
ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में राज्य द्वारा संचालित उत्कल विश्वविद्यालय के 45वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि देश को इस आपराधिक चरित्रहीनता के कारण की पहचान करनी चाहिए।
विज्ञापन
साथ ही उन्होंने कहा कि इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए शिक्षण संस्थानों को भी आगे आना चाहिए। उन्हें नैतिक शिक्षा पर जोर देना चाहिए, जिससे कि नैतिक स्तर पर समाज का विकास हो और इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लग सके।
राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार की बढ़ती घटनाओं ने देश की अंतरात्मा को हिला कर रख दिया है। ऐसे में यह अत्यंत ही जरूरी हो गया है कि महिलाओं और बच्चियों की हिफाजत नहीं कर पाने तथा गिरते मूल्यों के लिए समाज आत्म विश्लेषण करे।
मुखर्जी ने कहा कि इस तरह का आपराधिक चरित्रहीनता सभ्य समाज के लिए खतरनाक है। उन्होंने इस तरह के कृत्यों की वजह तलाशने और उनके समाधान खोजने पर जोर दिया। राष्ट्रपति ने कहा कि यह जरूरी है कि समाज महिलाओं की गरिमा की रक्षा करे और उसका सम्मान करे।