मोदी के बाद चुटकुलों ने किया आडवाणी का जीना हराम
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गांधीनगर और भोपाल सीट को लेकर लालकृष्ण आडवाणी की नाराजगी और उसके बाद मानने के बीच भाजपा की टेंशन किस स्तर पर पहुंच गई थी, यह उससे और आरएसएस से ज्यादा कोई नहीं जानता होगा।
लेकिन सोशल मीडिया गंभीर मुद्दों पर भी तंज कसना जानता है। इन दिनों लालकृष्ण आडवाणी को लेकर कुछ ऐसा ही हो रहा है। इन चुटकुलों का मकसद किसी का दिल दुखाना नहीं, लेकिन सियासत में हंसी-मजाक का तड़का वाकई जोरदार है।
आडवाणी नाराज हुए फूफाजी की तरह?
हमारे देश में कोई शादी हो, तो आम तौर पर रिश्ते के जीजाजी और फूफाजी के नखरे कैसे सातवें आसमान पर पहुंचे रहते हैं, इससे हम सभी वाफिक हैं। उनके नाराज होने का डर हर पल सताया करता है। आडवाणी को आजकल सोशल मीडिया पर ऐसा ही रिश्तेदार बताया जा रहा है।
चुटकुला कुछ यूं है, "आडवाणीजी हिंदुस्तानी शादी में शरीक होने वाले उन फूफाजी या जीजाजी की तरह नाराजगी पाले हुए हैं, जिन्हें बारात में जाने के वक्त कार की जगह, बस में बैठा दिया गया हो।"
आडवाणी का आकाशवाणी कनेक्शन
एक वक्त था, जब देश में सिर्फ आकाशवाणी गूंजा करती थी। लेकिन अब नया दौर है और निजी एफएम चैनलों ने धूम मचा रखी है। कड़वा सच है कि देश के कई अहम हिस्सों पर अब आकाशवाणी की आवाज जरा सुनाई नहीं देती।
सोशल मीडिया पर वायरल एक तंज में आडवाणी की तुलना आकाशवाणी से भी की जा रही है। इसमें कहा गया है, "इन दिनों इस देश में दो चीजें ऐसी हैं, जिनकी कोई नहीं सुनता। पहला, आकाशवाणी और दूसरा, आडवाणी।"
नोकिया फोन बन गए आडवाणी?
इन दिनों मोबाइल की दुनिया में एक नहीं, हजारों मॉडल हैं और सैकड़ों कंपनियां। लेकिन वो भी एक दौर था, जब बाजार में केवल नोकिया का डंका बजता था और दूर-दूर तक मुकाबले में कोई नहीं था। क्या आडवाणी वही नोकिया बन गए हैं।
एक ऐसा भी तंज जारी है, "आडवाणी नोकिया के उस मोबाइल की तरह हैं, जिसका जमाना तो लद गया है, लेकिन अपनी बैट्री लाइफ की मिसाल देते हुए वो मैदान छोड़ने को तैयार नहीं।"
'फ्रेश हो रहे हैं या नाराज हैं'
गांधीनगर छोड़कर भोपाल जाने की जिद आडवाणी की पहली जिद नहीं है। उनके नाराज होने का सिलसिला पुराना है। नरेंद्र मोदी को प्रचार समिति का अध्यक्ष और बाद में प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनाने पर भी वो बिफर चुके हैं।
उनकी इसी सिलसिलेवार नाराजगी पर आम लोग कुछ इस तरह के कटाक्ष कस रहे हैं, "आडवाणी साहब को आजकल बाथरूम में भी ज्यादा देर लगती है, तो बाहर से दरवाजा खटखटाकर बीवी पूछती है - फ्रेश हो रहे हैं या नाराज हो गए हैं।"
आडवाणी का पता, कोपभवन!
सियासत में कब क्या हो जाए, कुछ नहीं कहा जा सकता। किसी वक्त भाजपा के शीर्ष पर रहने वाले आडवाणी इन दिनों अपनी कम होती अहमियत से परेशान हैं। ऐसे में उनका दुखी होना स्वाभाविक है।
एक चुटकुले में इसे कुछ इस तरह बयान किया जा रहा है, "किसी ने आडवाणी जी को चिट्ठी भेजी और पते की जगह लिख दिया...कोपभवन। और मजे की बात ये है कि वो चिट्ठी उन्हें मिल भी गई।"