फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   social media can screw up several lok sabha seats mathematics

कई सीटों का गणित बिगाड़ सकता है सोशल मीडिया

Sun, 06 Apr 2014 07:47 AM IST
Updated Sun, 06 Apr 2014 07:47 AM IST
विज्ञापन
social media can screw up several lok sabha seats mathematics

राजनीतिक दलों की ओर से सोशल मीडिया पर चुनाव प्रचार कई शहरी सीटों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है।

विज्ञापन


उम्मीद जताई जा रही है कि सोशल नेट वर्किंग साइट पर राजनीतिक दलों के प्रचार अभियान के चलते खासतौर पर महानगरों और दूसरे दर्जे की शहरी लोकसभा सीटें बड़े पैमाने पर प्रभावित होंगी।

वहीं पहली दफा वोट डालने वाले युवाओं को प्रभावित करने में भी राजनीतिक दलों की सोशल नेट वर्किंग साइट काफी अहम हो सकती है। यही कारण है कि विभिन्न दलों ने इन सीटों पर मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए भारी भरकम बजट तय किया है।

विज्ञापन

30 फीसदी सीटों पर पड़ सकता है असर

social media can screw up several lok sabha seats mathematics

डिजिटल मीडिया के विशेषज्ञों के मुताबिक लोकसभा चुनाव में करीब 30 फीसदी शहरी सीटें सोशल नेट वर्किंग साइट पर हो रहे प्रचार से प्रभावित हो सकती हैं।

यही कारण है कि वोटरों को लुभाने के लिए सोशल नेट वर्किंग साइट पर राजनीतिक पार्टियों के बीच घमासान मचा हुआ है। आनलाइन संवाद, वॉलेंटियर बनाने, पार्टी सदस्यता बढ़ाने में डिजिटल प्लेटफार्म का जमकर इस्तेमाल हो रहा है।

राजनीतिक दल अपने महत्वपूर्ण रैलियों के वीडियो, भाषण को भी अपलोड कर रहे हैं। जबकि ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा के लिए भी इसका जोर-शोर से इस्तेमाल हो रहा है।

500 करोड़ तक खर्च करेंगे राजनीतिक दल!

social media can screw up several lok sabha seats mathematics

इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया का कहना है कि सोशल मीडिया पर बेहतर ढंग से प्रचार किए जाने से निश्चित तौर पर कुछ फीसदी वोट प्रभावित हो सकते हैं। इसलिए डिजिटल माध्यम पर भारी भरकम खर्च होने का अनुमान भी जताया जा रहा है।

माना जा रहा है कि गूगल, फेसबुक और ट्वीटर जैसे बड़े नेट वर्किंग साइटों में आम चुनाव के प्रचार पर राजनीतिक दल करीब पांच सौ करोड़ रुपये तक खर्च कर सकते हैं।

देश में करीब बीस करोड़ लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं और दस करोड़ से ज्यादा लोग फेसबुक जैसे तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर सक्रिय हैं। इनमें युवाओं की बड़ी फौज शामिल है। दिल्ली विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए आम आदमी पार्टी ने डिजिटल प्लेटफार्म का जमकर इस्तेमाल किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed