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यूपी: भगवान शिव पर अभद्र टिप्पणी, हुक्का-पानी बंद

Sat, 17 Jan 2015 10:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल Updated Sat, 17 Jan 2015 10:07 AM IST
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social bycott for controversial comment on lord shiva.

संभल में बाबा रामपाल के अनुयायियों द्वारा भगवान शिवशंकर के लिए अभद्र टिप्पणी करने पर दोस्तों में विवाद हो गया। बात मोहल्ले में फैली तो सैनी बिरादरी की पंचायत बुलाई गई। इसमें दो युवकों ने क्षमा याचना कर ली, लेकिन एक युवक ने माफी मांगने से इनकार कर दिया। इस पर बिरादरी के लोगों ने उसके परिवार का हुक्का पानी बंद करके सामाजिक बहिष्कार कर दिया।

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शहर के मोहल्ला छोटी लाडमसराय का राकेश सैनी पुत्र बाबूराम, महिपाल पुत्र सालाराम, सुनील सैनी पुत्र इंद्रपाल, रामसेवक पुत्र लालाराम, सोनू पुत्र मुनेश, दाताराम पुत्र ऊदल सिंह सभी युवक दोस्त हैं। बताते हैं कि शुक्रवार की शाम पांच बजे सुनील संत रामपाल का गुणगान करने लगा तो रामसेवक ने उसे जेल में बंद अपराधी बताकर संत मानने से इनकार कर दिया। इस पर सुनील ने रामसेवक के इष्ट देव भगवान शंकर के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग कर दिया। सुनील, सोनू व राकेश एक साथ आ गए।
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बात मोहल्ले में गई तो बड़े बुजुर्गों ने बिरादरी की पंचायत बुलाई। भगवान शंकर के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करने पर नाराजगी जाहिर करते हुए क्षमा मांगने को कहा। राकेश और सोनू ने तो क्षमा याचना कर ली, लेकिन सुनील अपनी जिद पर अड़ा रहा। इस पर पंचायत ने सुनील और उसके पिता का हुक्का पानी बंद करने और बिरादरी से बहिष्कार का ऐलान का फैसला सुनाया।
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'पूरे मोहल्ले की भावनाओं को पहुंची ठेस'

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लाडमसराय निवासी पप्पू सैनी का कहना है कि सुनील सैनी ने भगवान शिव के लिए अभद्र टिप्पणी की। इससे पूरे मोहल्ले की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह हक किसी को भी नहीं है।

वहीं प्रदीप सैनी ने बताया कि बिरादरी ने जो फैसला दिया है, उसका पालन किया जाएगा। पंचायत का फैसला गुमराह हो रहे लोगों को राह दिखाने वाला है। सुनील ने भगवान का अपमान किया है।

पंचायत के फैसले को सही ठहराते हुए जागन सिंह सैनी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने भगवान के बारे में गलत टिप्पणी नहीं सुन सकता। हमें किसी संत को मानने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन किसी दूसरे के इष्ट देव का अपमान करने का हक किसी को भी नहीं है।

वहीं आरोपी युवक के पिता इंद्रपाल सिंह सैनी ने कहा कि जाने अनजाने में मेरे बेटे से गलती हो गई, उसके लिए मैं शर्मिंदा हूं। पता नहीं सुनील को क्या हो गया, जिससे वह भगवान के बारे में ऐसी टिप्पणी कर बैठा, उसकी वजह से बिरादरी में इतना कुछ सुनना पड़ा है।

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