सांसदों को विकास योजनाओं के लिए पीएम देंगे ज्ञान
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केंद्र की विभिन्न योजनाओं के अंबार के बावजूद भी गांवों का विकास उलझ कर रह गया है। सांसद आदर्श योजना के जरिए सांसदों को गांव-देहात के विकास में भागीदार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योजनाओं के अंबार की गुत्थी सुलझाने में जुट गए हैं।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के जरिए उन्होंने देशभर में चल रही ग्राम विकास की केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं का विस्तृत डाटा जुटवाया है। मोबाइल ऐप के जरिए वे जल्द ही इन योजनाओं से सांसदों को लैस करेंगे।
सूत्र बताते हैं कि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस दिशा में अपने प्रयास शुरू कर दिए हैं। देशभर से जुटाए गए गांव विकास की योजनाओं को मोबाइल ऐप में पिरोया जा रहा है। इस ऐप के जरिए सांसदों को न सिर्फ योजना की विस्तृत जानकारी मिलेगी।
बल्कि जनता का सामना करने में उनकी परेसानी भी कम होगी। एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार ऐप का डिजाईन इस तरह से है कि यदि कोई विकलांग सांसद के पास मदद के लिए पहुंचेगा। तो सांसद को महज अपने मोबाइल ऐप में विकलांग टाईप करना होगा।
चंद मिनट में ही उक्त क्षेत्र में विकलांगों के हित में चल रहीं केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाएं विस्तार के साथ मोबाइल स्क्रीन पर सामने आ जाएगी। इससे सांसदों और लाभार्थी दोनों को ही सहूलियत होगी।
'सांसदों को योजनाओं की जानकारी ही नहीं'
ग्रामीण विकास मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी का दावा है कि गांवों के विकास में धन का अभाव कतई नहीं है। बल्कि जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की वास्तविक जानकारी नहीं है।
उक्त अधिकारी का कहना है कि गांवो के विकास के लिए आज के दिन में देशभर में केंद्र और राज्य सरकार की मिलाकर 1809 योजनाएं हैं। जिसमें से अकेले केंद्र सरकार के योजनाओं की संख्या ही 233 है।
सांसद आदर्श गांवो के लिए धन की कमी को खारिज करते हुए उन्होंने बताया कि अकेले सांसद आदर्श गावों में लागू करने के लिए केंद्र सरकार के 18 मंत्रालयों की 21 योजनाएं हैं। गांवों के विकास के लिए योजनाओं की राज्यवार संख्या देखें तो सबसे ज्यादा संख्या तमिलनाडू की है।
सूबे में अपनी योजनाओं की संख्या 281 है और केंद्र की 233 योजना जुड़ने के बाद इनकी संख्या 514 बनती हैं। वहीं उत्तर भारत के राज्यों में गांव विकास के लिए भी योजनाएं कम नहीं हैं।
केंद्र सरकार की 233 योजनाएं से अलग उत्तरप्रदेश में राज्य की अपनी 28 योजनाएं, उत्तराखंड में 119, हिमाचल प्रदेश में 25, हरियाणा में 94, जम्मू-काश्मीर में 33 और पंजाब में अपनी 41 योजनाएं हैं। जोकि वर्तमान में भी जारी हैं और इनमें खर्च के लिए फंड पड़ा हुआ है।
पीएम मोदी का प्रयास मोबाइल ऐप के जरिए सांसदों को इन योजनाओं से रूबरू कराना है। ताकि वे गांव के विकास को रफ्तार दे सकें।