स्नैपडील का आमिर को झटका, करार से इंकार
असहिष्णुता के मसले पर खुल कर अपनी बात रखना आमिर खान को बहुत महंगा पड़ा। केंद्र सरकार उन्हें अतुल्य भारत के ब्रांड अंबेसडर की जिम्मेदारी से हटा चुकी है। ई कॉमर्स कपंनी स्नैपडील ने भी उनके साथ अपना करार रिन्यू करने से इनकार कर दिया है।
आमिर स्नैपडील के ब्रांड अंबेसडर हैं और कंपनी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि उनका करार एक साल का था और उसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। करार इस महीने के अंत में खतम हो रहा है।
हालांकि इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, आमिर को हटाने के बाद कंपनी किसी सेलिब्रिटी के साथ करार नहीं करेगी। कंपनी विज्ञापन पर होने वाले खर्च को कम करने पर विचार कर रही है और प्रचार की नई रणनीति पर काम करेगी।
आमिर के बयान का भाजपा ने किया था विरोध
माना जा रहा है कि स्नैपडील ने ये फैसला आमिर के नवंबर में दिए उस बयान के कारण लिया है, जिसमें उन्होंने मुल्क में असहिष्णुता बढ़ने की बात कही थी। उस बयान के बाद भाजपा के तमाम नेताओं समेत पार्टी समर्थकों ने उनका विरोध शुरु कर दिया था।
आमिर के खिलाफ सोशल मीडिया में भी अभियान में चलाया गया था। गूगल प्ले स्टोर पर स्नैपडील के ऐप की रेटिंग नकारात्मक करने का प्रयास किया गया।
उस विवाद के बाद स्नैपडील ने टीवी चैनलों और डिजिटल कैंपन में आमिर को बतौर ब्रांड अंबेसडर दिखाना बंद कर दिया। उल्लेखनीय है कि आमिर ने नवंबर में इंडियन एक्सप्रेस के एक कार्यक्रम में मुल्क में महौल पर टिप्पणी की थी और कहा था उनकी पत्नी ये तक पूछ चुकी हैं कि क्या ऐसे हालात में देश छोड़ देना चाहिए।