हैरतअंगेज: नाग का बदला लेने के लिए 'कातिल' बनी नागिन
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मुजफ्फरनगर के चरथावल में रोनी हरजीपुर गांव में नाग-नागिन की कहानी से हर कोई हैरत में है। नाग की मौत के बाद गुस्साई नागिन ने एक युवक को डस लिया।
जहर इतना खतरनाक था कि नागिन के काटे युवक को तमाम झाड़-फूंक के बाद भी कोई बचा नहीं पाया। युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने मंगलवार सुबह कीटनाशक का इस्तेमाल कर नागिन को मकान से बाहर निकाला और लाठी-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला।
नाग-नागिन के किस्से भले ही फिल्मों में देखे जाते रहे हों, लेकिन रोनी हरजीपुर की घटना आश्चर्यचकित करने वाली है। चार जुलाई को गांव के सलीम के घर में नाग-नागिन दिखाई दिए। महिलाएं और बच्चे डर गए।
...और इस तरह लिया नागिन ने अपना बदला
सलीम और उसके बेटे ने डंडे से नाग को पीट-पीटकर मार डाला। इस दौरान नागिन कहीं छिप गई। काफी ढूंढने पर भी नहीं मिली। नाग को मारकर घर के बाहर फेंक दिया गया। दो दिन बाद सोमवार सुबह गांव में बारिश हो रही थी।
सलीम का बेटा जावेद (18 साल) गहरी नींद में सोया था। सुबह करीब आठ बजे के करीब अचानक उसकी आंख खुली, तो सामने नागिन फन फैलाए बैठी थी। एक ही झटके में नागिन ने जावेद के हाथ में डंक मारा और लुप्त हो गई।
जावेद के चिल्लाने पर पिता और मां आसमां चारपाई की तरफ दौड़ पड़े। जावेद ने माता-पिता को सांप के डसने की बात कही और कुछ ही देर में बेसुध हो गया। जावेद की जान बचाने के लिए परिजन झाड़-फूंक के चक्कर में 24 घंटे तक भटकते रहे।
लेकिन नहीं बच सका जावेद
गांव में कोई उपचार नहीं मिलने के बाद पीपलशाह गांव लेकर गए, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका। घबराए परिजन शामली, रामराज और बघरा के ढिंढावली गांव में इलाज के लिए पहुंचे, लेकिन कोई नागिन के जहर को उतार नहीं पाया।
आखिरकार युवक ने दम तोड़ दिया। गमगीन माहौल में उसके शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। मंगलवार को ग्रामीणों ने दीवारों में कीटनाशक डालकर कमरे को बंद कर दिया।
जहरीली गैस बनने के बाद नागिन बाहर आई, तो ग्रामीणों ने लाठी और बल्लम से उसे भी मार डाला। भारतीय किसान संगठन के अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने भी गांव पहुंचकर घटना की जानकारी ली।