'रोहित की आत्महत्या जातिगत मामला नहीं'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैदराबाद विश्वविद्यालय के छात्र रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र की आत्महत्या पर लगाए जा रहे सभी आरोप गलत हैं।
स्मृति ईरानी उन पत्रों को लेकर सफाई दे रही थी जो मानव संसाधन मंत्रालय को लिखे गए थे। केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि विवाद दलित या गैर दलित का नहीं था। ये छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद का मामला था। हालांकि उन्होंने माना कि छात्र पिछड़े वर्ग का था। साथ ही स्मृति ने बताया कि बंडारू दत्तात्रेय भी यादव होते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि कमेटी ने माना है कि छात्रों पर की गई कार्रवाई सही थी। नियम के मुताबिक ही उन पर कार्रवाई की गई। उन्हें विश्वविद्यालय से निकाला जाना सही था। हालांकि स्मृति ने छात्र की आत्महत्या पर दुख जताया है।
पूरे मामले की तफ्तीश जारी
स्मृति ईरानी ने बताया कि मामले की जांच के लिए बनाई गई कमेटी के अध्यक्ष भी एक दलित हैं। उन्होंने कहा कि वो जो भी बता रही हैं वह पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है। सुसाइड नोट में न तो किसी सांसद का नाम है और न ही विश्वविद्यालय के अधिकारी का। फिलहाल मामले में तफ्तीश की जा रही है।
स्मृति ईरानी ने बताया कि छात्रों के मामले में केवल बंडारू दत्तात्रेय ने ही नहीं बल्कि कांग्रेस सांसद हनुमंत राव ने भी मानव संसाधन मंत्रालय को पत्र लिखा था। कांग्रेस सांसद के मुताबिक ऐसी घटनाएं पिछले 4 साल से हो रही हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ये मामला बेहद संवेदनशील है इसलिए पूरी रिपोर्ट के आने के बाद ही मैं इस पर ज्यादा कुछ कहूंगी। स्मृति ईरानी ने छात्र की आत्महत्या के मामले में मीडिया पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कुछ मीडिया डिबेट्स में खास सुसाइड नोट दिखा रहे हैं। हमारी उनसे अपील है कि उसकी एक कॉपी स्थानीय पुलिस को उपलब्ध कराई जाए।