फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   smriti irani says when she was born cursed as a burden by someone

अपने बारे में स्मृति ईरानी ने किया खुलासा

Mon, 30 Jun 2014 08:56 AM IST
एजेंसी/अमर उजाला, भोपाल
एजेंसी/अमर उजाला, भोपाल Updated Mon, 30 Jun 2014 08:56 AM IST
विज्ञापन
smriti irani says when she was born cursed as a burden by someone

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शुक्रवार को कहा कि उनके पैदा होने के वक्त उन्हें बोझ कहा गया था। इतना ही नहीं उन लोगों ने मेरी मां से मुझे मार डालने की सलाह तक दे दी थी।

विज्ञापन


भोपाल में कन्या भ्रूण हत्या पर एक विद्यार्थी की ओर से पूछे गए सवाल पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस बात का खुलासा किया।

उन्होंने कहा, "वह पहली बार यह बात किसी से साझा कर रही हैं।"

'बंद हो कन्या भ्रूण हत्या'

smriti irani says when she was born cursed as a burden by someone

स्मृति ने बताया, "जब वह पैदा हुईं तो किसी ने उनकी मां से कहा कि बेटी तो बोझ होती है। लिहाजा उन्हें मार डालना चाहिए। लेकिन उनकी मां हिम्मत वाली थीं और उन्होंने यह नहीं किया।"

उन्होंने आगे कहा, "मेरी मां की बदौलत ही आज वह लोगों के सामने जिंदा हैं।"

ईरानी ने कहा, "कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा बंद होनी चाहिए। इस कुप्रथा को रोकना सरकार की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।" उन्होंने कहा, "अगर लोग एक लड़की को पढ़ाते हैं तो वे एक महिला को नहीं बल्कि पूरे परिवार को शिक्षित करते हैं।"

विज्ञापन
विज्ञापन

'बनाई जाएगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति'

smriti irani says when she was born cursed as a burden by someone

अलग-अलग बोर्डों और अलग-अलग राज्यों के पाठ्यक्रमों के बारे में सवाल पूछने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, "यह समस्या राष्ट्रीय शिक्षा नीति में दूर हो जाएगी।"

एक और सवाल के जवाब में ईरानी ने कहा, "बेरोजगारी की समस्या के हल के लिए शिक्षा को कौशल विकास से जो़ड़ा जाएगा। पाठ्यक्रम ऐसे तैयार किए जाएंगे जिनमें सिद्धांत से ज्यादा व्यावहारिक शिक्षा पर जोर होगा।"

उन्होंने कहा, "शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय और राज्य स्तर के अलावा क्षेत्रीय मंचों पर, साथ ही अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर विचार-विमर्श के बाद ही नई राष्ट्रीय नीति बनाई जाएगी। इसके अलावा मानव संसाधन विकास मंत्रालय ई-लाइब्रेरी प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है।"

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed