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काशी में स्मृति ईरानी को एक तलवार ने दिया दर्द

Sun, 16 Nov 2014 08:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी Updated Sun, 16 Nov 2014 08:04 AM IST
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smriti irani in pain after lifting sword.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि अब पैसे के अभाव में बेटियों की पढ़ाई नहीं रुकेगी। बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद भी बहुत सी छात्राओं को धन के अभाव में तकनीकी संस्थानों में दाखिला नहीं मिल पाता, यह चिंतनीय है। मौजूदा समय ऐसे संस्थानों में छात्राओं की भागीदारी केवल 22 प्रतिशत है लेकिन अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि गरीब परिवारों की बेटियां भी तकनीकी संस्थानों में पढ़ सकें। इस काम में सीबीएसई मदद करेगा। वाराणसी के काशी विद्यापीठ के मदन मोहन मालवीय पत्रकारिता संस्थान और भारतीय इतिहास संकलन समिति काशी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन समारोह में उन्होंने ये बातें कहीं।

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गांधी अध्ययन पीठ सभागार में शनिवार की दोपहर आयोजित समारोह में स्मृति ईरानी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों का रुझान बढ़ाने के लिए जल्द ही मंत्रालय की ओर से 24 घंटे की हेल्पलाइन सेवा शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कर सकेंगे। तकनीकी शिक्षा और संस्थानों के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। कहा कि मंत्रालय की ओर से छात्राओं को बेहतर शिक्षा मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए सीबीएसई के सहयोग से एक योजना तैयार की जाएगी, जिसके माध्यम से धन की कमी पूरी करने के साथ ही छात्राओं को विशेषज्ञों से मार्गदर्शन भी प्राप्त हो सकेगा। बाल दिवस पर शुरू हुए ‘उड़ान’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि छात्राओं का प्रदर्शन छात्रों से हमेशा अच्छा रहता है।
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‘उड़ान’ के माध्यम से बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को देश के सर्वोच्च तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों का निर्देशन मिलेगा। शिक्षा नीति पर बोलते हुए मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने न केवल अपने स्तर से शिक्षा नीति बनाई बल्कि अपने ही तरह से इसे प्रचारित-प्रसारित भी किया। अब केंद्र सरकार की ओर से एक ऐसी शिक्षा नीति बनाई जाएगी, जिसमें गांव-गांव की भागीदारी होगी।
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स्मृति ईरानी के कंधे में फ्रैक्चर
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बताया कि उनके कंधे में फ्रैक्चर है। डॉक्टरों ने उन्हें सफर करने से मना किया था लेकिन चुनाव के बाद पहली बार बाबा विश्वनाथ ने बुलाया तो उन्हें आना ही था। कहा कि ‘बाबा की असीम कृपा है कि जिस परिसर में आई हूं, उसकी नींव राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने रखी और आशीर्वाद मालवीय जी का है। मंच पर छात्रों ने तलवार भेंट की। उनका उत्साह देखकर कंधे में तकलीफ के बाद भी मैंने तलवार उठाने में हिचक नहीं की। हालांकि अब लग रहा है ट्रीटमेंट के लिए फिर अस्पताल जाना पड़ेगा।’

छात्र नेताओं का बवाल

smriti irani in pain after lifting sword.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में ही शनिवार को छात्रों ने उनकी मंत्री का घेराव किया। काशी विद्यापीठ में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी मौजूद थीं। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जैसे ही वह बाहर निकलीं तो छात्रों ने नारेबाजी करते हुए उनके काफिले को घेर लिया। वे बीएचयू में छात्रसंघ बहाली की मांग कर रहे थे। छात्र मंत्री की गाड़ी की ओर बढ़े तो पुलिस ने रोक दिया। इस पर पुलिस व छात्रों में नोकझोंक होने लगी। मामला बढ़ता देख मंत्री ने कार से उतरकर छात्रों से बातचीत की। साथ ही उनकी मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया।

बता दें कि 11 नवंबर को बीएचयू प्रशासन ने छात्र परिषद चुनाव की अधिसूचना जारी की थी। इसके दूसरे ही दिन छात्र संगठनों ने इस चुनाव के बहिष्कार का ऐलान करते हुए छात्रसंघ बहाली के लिए मोर्चेबंदी शुरू कर दी थी। इसी बीच छात्रों को मालूम हुआ कि 15 नवंबर को स्मृति ईरानी शहर में आ रही हैं तो उन्होंने केंद्रीय मंत्री के समक्ष अपनी मांग रखने की तैयारी कर ली। शनिवार को अपराह्न सवा दो बजे काशी विद्यापीठ के गांधी अध्ययन पीठ से जैसे केंद्रीय मंत्री निकलीं, तभी छात्र परिषद बीएचयू के निवर्तमान महासचिव विकास सिंह के नेतृत्व में समाजवादी छात्र सभा, एनएसयूआई और आइसा से जुड़े छात्रों ने नारेबाजी करते हुए उनका काफिला रोक लिया। इस दौरान पुलिस और छात्रों में जमकर धक्कामुक्की और नोंकझोंक हुई।

यह देख केंद्रीय मंत्री ने कार से उतरकर छात्रों से बातचीत की और ज्ञापन लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि बीएचयू में नए कुलपति की नियुक्ति के बाद छात्रसंघ बहाली पर वे विचार करेंगी। वहीं, उन्होंने पुलिस-प्रशासन को छात्रों पर किसी तरह की कार्रवाई न करने का निर्देश भी दिया। घेराव में राकेश उपाध्याय, कमलेश प्रताप सिंह, आशीष राय, हर्षित सिंह, मयंक शुक्ला और आइसा की शिखा सिंह आदि शामिल रहीं।

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