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स्मिता सालस्कर अब मनाएंगी होली और दीवाली

Wed, 21 Nov 2012 10:25 PM IST
मुंबई/ब्यूरो
मुंबई/ब्यूरो Updated Wed, 21 Nov 2012 10:25 PM IST
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smita salaskar now celebrate holi and diwali

मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट विजय सालस्कर एटीएस चीफ हेमंत करकरे और एडिशनल कमिश्नर अशोक काम्टे के साथ आतंकियों से मुठभेड़ करते हुए शहीद हुए थे। तब उनकी पत्नी स्मिता सालस्कर ने कसम खाई थी कि जब तक पति के हत्यारे को फांसी नहीं हो जाती तब तक वह कोई त्योहार नहीं मनाएंगी।

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पिछले चार वर्षों से न तो उन्होंने होली खेली, न घर पर गणपति स्थापना और न ही दीवाली पर लक्ष्मी पूजन किया। जबकि विजय सालस्कर हर साल धूमधाम से घर पर गणपति की स्थापना करते थे। उनका प्रिय त्योहार दीवाली था। दीवाली की रात कितनी भी देरी से लौटें पटाखे खूब छोड़ते थे।
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स्मिता ने कहा कि यह सब मैंने सिर्फ अपने पति के लिए नहीं किया बल्कि उन सभी पुलिस अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के लिए किया, जिन्होंने अपने जान की परवाह किए बिना खुद को देश की रक्षा के लिए न्योछावर कर दिया। कसाब को फांसी दी गई उससे आतंकवाद का खात्मा हो गया, यह कहकर खुश होने की जगह हमें इस बात पर अमल करना होगा कि देश की रक्षा करने वाले शहीदों की जान इस तरह के हमले में न जाए।
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हेमंत करकरे की पत्नी कविता ने भी कसाब को फांसी दिए जाने को सही बताया। लेकिन उन्होंने अफसोस जताया कि उसे सरेआम फांसी क्यों नहीं दी गई। देश के दुश्मन और दर्जनों निर्दोष लोगों की मौत के घाट उतारने वाले कसाब को यदि सरेआम फांसी दी जाती तो दु:ख सहने वाले परिवारवालों को तसल्ली मिलती।


शहीद अशोक काम्टे की विधवा विनिता काम्टे ने कहा कि कसाब को फांसी दिए जाने पर मुझे खुशी हुई है। लेकिन अब भी मुंबई हमले के मास्टर माइंड चैन से सीमा पार बैठे हुए हैं। जब तक उन्हें सजा नहीं मिलती तब तक किसी भी देशवासी को सच्ची खुशी नहीं मिलेगी।

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