लोकसभा में बोलीं स्मृति- 'मुझे सूली पर चढ़ाने की तैयारी'
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रोहित मुद्दे पर अभी तक विपक्ष और छात्र संगठनों के निशाने पर रही केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी राज्यसभा के बाद लोकसभा में भी जमकर बोली। खुद पर लगे आरोपों का उसी अंदाज में जवाब दिया।
कभी तेवर तल्ख होते तो कभी लहजा नरम होता और गला भर्राने लगता। सिलसिलेवार खुद पर और अपने मंत्रालय पर लगे आरोपों का जवाब दिया तो लगा पूरी तैयारी से आज संसद में आई हैं।
दोपहर में राज्यसभा में रोहित वेमूला मुद्दे पर बसपा सुप्रीमो मायावती को अपने जवाबों पर संतुष्ट न होने पर गर्दन कटवाने की चुनौती दी तो शाम होते होते कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उनके निशाने पर थी। कहा- 'आप अमेठी से लड़ने की मुझे ऐसी सजा देना चाहती हो, मुझे सूली पर चढ़ाने की तैयारी है।'
600 छात्रों की मौत के बाद तेलंगाना नहीं गए राहुल गांधी
हैदराबाद यूनिवर्सिटी के छात्र रोहित वेमूला की मौत पर लोकसभा में विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जिस कमेटी ने रोहित पर कार्रवाई की थी उसकी नियुक्ति पिछली यूपीए सरकार में हुई थी।
आरोप लगाया कि उसके सूली पर लटकने के बाद डॉक्टर को भी उसके नजदीक नहीं जाने दिया गया। आक्रोशित छात्रों ने आठ घंटे तक पुलिस को भी उसके पास नहीं फटकने दिया। उन्होंने राहुल गांधी को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्होंने गलत नीयत से छात्रों का समर्थन किया।
तेलंगाना में 600 छात्रों की मौत के बाद राहुल गांधी वहां नहीं गए लेकिन एक दलित छात्र की मौत पर राजनीति करने में उन्होंने देर नहीं की। जेएनयू मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार का रुख स्पष्ट किया। कहा विश्वविद्यालय में छात्रों ने देश विरोधी नारे लगाए थे।
अफजल गुरु की बरसी पर जेएनयू में लगे देश विरोधी नारे
अफजल गुरु की मौत पर भी सवाल उठाए गए। जेएनयू में लगे देश विरोधी पोस्टरों में कन्हैया, उमर खालिद और अर्निबान की तस्वीरें थीं। पुलिस ने इसी मामले में उन पर कार्रवाई की।
ईरानी ने कहा 16 विश्वविद्यालयों के वीसी की नियुक्ति कांग्रेस कार्यकाल में हुई थी। उसमें उनका कोई रोल नहीं था लेकिन उसके बाद भी उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
केन्द्रीय विश्वविद्यालयों और उच्च संस्थानों में भगवा संगठनों से जुड़े लोगों की नियुक्ति के आरोपों पर उन्होंने चुनौती देने वाले लहजे में कहा अगर कोई वीसी कह दे कि हमने भगवाकरण करने का प्रयास किया है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगी।