आम लोगों की चेहरों पर मुस्कान बिखेरेगा पाक
पाकिस्तान के साथ भारत की वार्ता बेशक टूट गई है। मगर पाकिस्तान और चीन से आने वाला प्याज ही महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी के चेहरे की रौनक लौटाएगा।
बताया जा रहा है कि संकट से निपटने के लिए जिस कंपनी ने आयात कर प्याज सप्लाई का जो जिम्मा लिया है। वह पाकिस्तान, चीन और मिश्र से प्याज लेकर भारत में आपूर्ति करेगी।
देश के प्याज संकट से निपटने के लिए किए सरकार ने 1 हजार टन प्याज के आयात को मंजूरी दे दी है। यह आयातित प्याज सरकार को 685 डॉलर प्रति टन यानि की लगभग 45 रू. किलो के दाम से पड़ी है।
10 हजार टन प्याज का आयात
इसके साथ ही प्याज संकट से उबरने के प्रयास में राज्यों से आए प्रस्ताव को
मंजूरी देते हुए केंद्र ने मूल्य स्थिरिकरण फंड से दिल्ली को 7.50 करोड़ और
आंध्र प्रदेश को 50 करोड़ रूपए जारी किए हैं।
1 हजार टन प्याज को आयात
की मंजूरी देने के बाद कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि
इस दो-तीन दिनों के भीतर दोबारा से 10 हजार टन प्याज आयात का एमएमटीसी के
जरिए टेंडर जारी किया जाएगा।
यह प्रक्रिया तब तक दोहराई जाएगी। जब तक की
सरकार 10 हजार टन प्याज आयात के जरिए हासिल नहीं कर लेगी। एमएमटीसी ने
विदेश से 10 हजार टन प्याज आयात करने का टेंडर जारी किया था।
लेकिन अभी केवल 1 टन प्याज की मंजूरी
मगर टेंडर
खुलने के बाद 1 हजार टन प्याज के आयात को मंजूरी दी गई। कहा जा रहा है कि
कंपनी ने महज 1 हजार टन प्याज सप्लाई करने में रूची दिखाई है।
वह भी
पाकिस्तान, चीन और मिश्र के बाजारों से प्याज लेकर भारत को उपलब्ध कराएगी।
सरकार ने जानकारी दिया है कि यह प्याज 10 सितंबर तक भारत पहुंचेगा और लगभग
15 सितंबर तक देश के विभिन्न बाजारों में पहुंच जाएगा।