अब स्मार्टफोन से पकड़ी जाएंगी नकली दवाएं
नकली दवाएं बेचकर मरीजों की जान से खेलने वाली कंपनियों पर अब एक साधारण-सा स्मार्टफोन भारी पड़ सकता है।
केंद्र सरकार का वाणिज्य और स्वास्थ्य मंत्रालय ऐसी मोबाइल एप्लीकेशन तैयार कराने में जुटा है, जिसके सहयोग से नकली दवाओं की पहचान की जा सके।
दवा के पैकेट पर बार कोड लागू होने के बाद ऐसा मोबाइल एप्लीकेशन बनाना संभव हो पाया है, जिसका कैमरा असली और नकली दवा की पहचान करने में समक्ष है।
इस परियोजना को आगे बढ़ाने में जुटे वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुधांशु पांडे ने अमर उजाला को बताया, "नकली दवाओं पर रोकथाम के लिए सरकार ने तीसरे और दूसरे दर्जे की पैकिंग पर बार कोड अनिवार्य कर दिया है। देश से नकली दवा के निर्यात पर अंकुश लगाने के लिए शुरू हुई इस कवायद से घरेलू बाजार में उपलब्ध दवाओं की पहचान में भी सहयोग मिलेगा।"
वाणिज्य और स्वास्थ्य मंत्रालय की कवायद
उन्होंने कहा, "इसके लिए वाणिज्य और स्वास्थ्य मंत्रालय ने नेशनल इंफोर्मेशन सेंटर (एनआईसी) के साथ मिलकर मोबाइल ऑथेंटिकेशन सिस्टम तैयार कराना शुरू कर दिया है। इसके तहत एक मोबाइल एप्लीकेशन भी बनाया जा रहा है। जिसके सहयोग से मोबाइल फोन का कैमरा दवा के पैकेट पर छपे बार कोड को स्कैन कर नकली दवा की पहचान कर सकेगा।"
इसके लिए फोन में इंटरनेट कनेक्शन होना चाहिए। पांडे का कहना है कि मोबाइल के जरिए नकली दवाओं की पहचान की सुविधा अगले 8-9 महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है।
भारत से निर्यात होने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर यूरोप और अमेरिका में कई तरह के सवाल उठते रहे हैं।
नकली दवाओं की पहचान होगी आसान
गुणवत्ता की कसौटी पर खरा उतरने और नकली दवाओं की पहचान आसान बनाने के लिए सरकार दवा की प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी की पैकिंग पर बार कोड अनिवार्य बनाने में जुटी है।
अब तक द्वितीय और तृतीय पैकिंग पर बार कोड लागू हो चुके हैं। प्राइमरी पैकेजिंग यानी टैबलेट के पत्ते या सिरप की शीशी पर बार कोड लागू करने में दवा कंपनियां आनाकानी कर रही हैं। लेकिन द्वितीय और तृतीय पैकिंग पर बार कोड होने होने से भी नकली दवा के पैकेट की पहचान की जा सकेगी।
क्या है द्वितीय और तृतीय स्तर की पैकिंग?
जिस डिब्बे में टैबलेट की 10 स्ट्रिप पैक होती हैं, वह द्वितीय स्तर की पैकिंग होती है। जिस बड़े डिब्बे में दूसरे स्तर की पैकिंग वाले छोटे डिब्बे रखे होते हैं, उसे तृतीय स्तर की पैकिंग कहा जाता है।