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हिमाचलः बड़े दलों को फंसाएंगे छोटे दल और निर्दल

Mon, 29 Oct 2012 10:30 AM IST
शिमला/ब्यूरो
शिमला/ब्यूरो Updated Mon, 29 Oct 2012 10:30 AM IST
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small political parties may give fight to bjp and congress

हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस जैसे बड़े दलों के अलावा 12 अन्य छोटे दल भी मैदान में हैं। इनमें हिमाचल लोकहित पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, सीपीआई (एम), सीपीआई, तृणमूल कांग्रेस, लोक जनशक्ति पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, हिमाचल स्वाभिमान पार्टी, शिवसेना, भारतीय बहुजन पार्टी, इंडियन जस्टिस पार्टी और हिंदुस्तान निर्माण दल आदि शामिल हैं। इन दलों के कारण कई सीटों पर मुकाबला बहुकोणीय हो गया है। इस दलदल में अब कौन फंसता है, यह चुनाव नतीजे ही बताएंगे।

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इन दलों के अलावा निर्दल भी बड़ी चुनौती साबित हो रहे हैं। राज्य की कुल 68 सीटों में से 53 सीटों पर 105 निर्दलीय प्रत्याशी हैं। इनमें से 22 सीटों पर तो ये परिणाम को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। सत्तारूढ़ भाजपा के लिए भटियात में पूर्व जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान, नूरपुर में पूर्व विधायक राकेश पठानिया, फतेहपुर में सुधा सुशांत, सुंदनगर में पूर्व मंत्री रूप सिंह ठाकुर, नाचन में दोमादर सिंह, ज्वाली में संजय गुलेरिया, सुजानपुर में राजेंद्र राणा, गगरेट में लक्ष्मी जरियाल, अर्की में आशा परिहार, सोलन में एचएन कश्यप, शिमला शहर में तरसेम भारती चुनौती बने हैं।
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कांग्रेस के लिए मनाली में धर्मवीर धामी, कुल्लू में प्रेमलता ठाकुर, आनी में ईश्वर दास, करसोग में मस्त राम, देहरा में योग राज, बिलासपुर में केडी लखनपाल, पांवटा में किरनेश जंग, कसुम्पटी में विजय ज्योति सेन के कारण राह मुश्किल हो रही है। इंदौरा और कांगड़ा सीटों पर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के बागी हैं। चौपाल में बलबीर वर्मा, दून में दर्शन सैणी और बल्ह में महंत राम चौधरी जिसका वोट हथियाएंगे, उसे घाटा उठाना पड़ेगा।
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चुनाव में अन्य दलों की चुनौती

1. हिलोपा- महेश्वर सिंह की अगुवाई में हिलोपा 36 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। महेश्वर सिंह के साथ ही पूर्व विधायकों नवीन धीमान, दूलोराम, बाबू राम मंडयाल, कर्मदेव धर्माणी, श्यामा शर्मा, विधायक खुशीराम बालनाटाह, निंजू राम, चेतराम नेगी पर दांव है।  
 
2. वामदल- सीपीआई (एम) 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पूर्व विधायक राकेश सिंघा, टिकेंद्र पंवर, कुलदीप सिंह तंवर, कुशाल भारद्वाज आदि मजबूत प्रत्याशी हैं। सीपीआई ने 6 सीटों पर प्रत्याशी दिए हैं।  

3. बसपा - बसपा को 2007 के चुनाव में सात फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। इस बार भी पार्टी ने 68 में से 66 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। दलित वोट झटकने को मायावती खुद यहां जनसभाएं कर रही हैं।
 
4. तृणमूल कांग्रेस - पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी कुल 25 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। प्रमोद शर्मा, पूर्व विधायक ओपी रतन जैसे कई नामी प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं।
 
5. समाजवादी पार्टी - उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के बाद मुलायम सिंह यादव की पार्टी हिमाचल में 15 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। हालांकि कोई नामी चेहरा इनके पास नहीं है।

6. एनसीपी - शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी भी महाराष्ट्र से हिमाचल आई है। 13 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं और पूर्व मंत्री राधारमण शास्त्री शिमला शहर से प्रत्याशी हैं।


7. लोक जनशक्ति पार्टी - रामविलास पावसान की लोकजनशक्ति पार्टी ने 18 सीटों पर प्रत्याशी दिए हैं। पूर्व विधायक सदानंद चौहान मुख्य चेहरा हैं।

8. अन्य दल - हिमाचल स्वाभिमान पार्टी 15, शिवसेना 4, भारतीय बहुजन पार्टी 2, इंडियन जस्टिस पार्टी और हिंदुस्तान निर्माण दल 1-1 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

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