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पत्नी की कीमत गाय से कम!

Sun, 23 Nov 2014 03:11 PM IST
एड्रयू नॉर्थ/बीबीसी संवाददाता, हरियाणा
एड्रयू नॉर्थ/बीबीसी संवाददाता, हरियाणा Updated Sun, 23 Nov 2014 03:11 PM IST
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slave brides in hariana, human trafficking, gender gap

हरियाणा के आस मोहम्मद ने अपनी पत्नी को एक बिचौलिये से करीब साढ़े तीन हजार रुपए में खरीदा था। यह राशि एक गाय की कीमत से भी कम है, लेकिन उन्हें इसका कोई अफसोस नहीं।

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मोहम्मद कहते हैं, "यह बात सही है कि मेरी पत्नी की कीमत एक गाय से भी कम है, लेकिन अगर मेरे बच्चों के लिए दुल्हन नहीं मिली तो मैं वही दुहराउंगा जो मैंने किया।"
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आठ बच्चों की मां यह महिला कहती हैं कि उनकी जिंदगी गुलामों जैसी है, "जब मैं 12 वर्ष की थी तब मेरे पति मुझे यहां ले आए थे। वह मुझे पीटते रहे हैं, लेकिन मैं कुछ भी नहीं कर सकती थी क्योंकि मैं कहीं नहीं जा सकती थी।"
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भारत के कुछ हिस्सों में दुल्हन खरीदने की प्रथा अभी भी है और हरियाणा में यह समस्या और गंभीर है।

शादी के लिए अपहरण भी!

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महिलाओं के प्रति पुरातन पूर्वाग्रह और अल्ट्रासाउंड जैसी लिंग जांच की आधुनिक तकनीक के चलते कन्या भ्रूण का गर्भपात मुमकिन हो गया है। यही कारण है कि देश के कुछ हिस्सों में महिलाओं का अनुपात पुरुषों के मुकाबले काफी कम है।

बेहतर ज‌िंदगी की उम्मीद में हजारों महिलाएं और लड़कियों को बरगलाया जाता है और उन्हें विवाह के लिए बेच दिया जाता है। कभी-कभी तो उनका अपहरण भी कर लिया जाता है।

बिचौलिये इस तरकीब से तो पैसा बना लेते हैं लेकिन पीड़िता को ताज‌िदगी हिंसा और यौन दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।

जबर्दस्ती

एक बिचौलिये ने बताया, "मैंने खुद एक अन्य बिचौलिये से अपनी पत्नी ख़रीदी है। इसके बाद मैंने अपने परिवार को चलाने के लिए यही काम शुरू कर दिया।"

इस बिचौलिये का मानना है कि वह एक अच्छा काम कर रहा है और इससे दोनों पक्षों का भला होता है। एक सड़क किराने झोपड़ी बनाकर अपने बच्चों के साथ रहने वाली रोशनी कहती हैं कि उनके पति की मौत के बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया।

पति के भाई ने जबर्दस्ती शादी करनी चाही लेकिन रोशनी ने मना कर दिया। लैंगिक पूर्वाग्रह के बीज इतने गहरे हैं कि जन्म से पूर्व भी लड़के-लड़की में भेदभाव बरता जाता है।

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