छह नए IIT को मिली मंजूरी, जानिए कहां-कहां खुलेंगे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में छह नए आईआईटी शुरू करने की सैद्घांतिक मंजूरी दे दी है। आंध्र प्रदेश, छतीसगढ़, गोवा, जम्मू, केरल और कर्नाटक में नई आईआईटी शुरू करने का एलान वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पिछले बजट में किया था।
कैबिनेट ने मंजूरी दी है कि जब तक इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी 1961 में संशोधन नहीं होता तब तक ये नए आईआईटी संस्थान सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के तहत काम करेंगे।
हर आईआईटी के गठन में 2015-16 से लेकर 2018-19 तक 1,411.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। शुरुआत में नए आईआईटी तीन साल के लिए अस्थायी कैंपस से काम करेंगे। उसके बाद चौथे साल स्थायी कैंपस से आईआईटी काम करेंगे।
दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पांच नए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस संस्थान यानी आईआईएसईआर के गठन के लिए लागत की रकम बढ़ा दी है। पहले इसके लिए 2500 करोड़ मंजूर किए थे। अब 4799 करोड़ रुपये मंजूर किए गए है। मोहाली, पुणे, भोपाल, कोलकाता और तिरुवनंतपुरम में यह संस्थान खोले जाने हैं।
आईआईटी में बदलेगा एडमिशन का पैटर्न
आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी, आईएसएम धनबाद, सीएफटी, आईआईएसईआर में एडमिशन और उसकी संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) का पैटर्न अब अमेरिका की तरह होगा। ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट कराया जाएगा।
इसमें पास होने वाले स्टूडेंटों का एप्टीट्यूड टेस्ट होगा। इसमें टॉप 40 हजार स्टूडेंटों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। यह बदलाव सत्र 2016-17 से संभव है।
इसी का नतीजा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पैटर्न में बदलाव की रिपोर्ट वेबसाइट www.jeech.ac.in पर उपलब्ध करा दी। साथ ही कानपुर सहित देश की 18 आईआईटी, सीएफटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी के शिक्षकों, स्टूडेंटों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं।