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मोदी के मंत्री को एक साल की सजा, चार हजार का जुर्माना

Thu, 15 Jan 2015 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, रामपुर Updated Thu, 15 Jan 2015 09:13 AM IST
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one year imprisonment to mukhtar abbas naqvi

केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण एवं संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी समेत 19 लोगों को कोर्ट ने मार्ग अवरुद्ध करने मामले में दोषी करार दिया है। साथ ही उन्हें एक-एक साल की कैद और चार-चार हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी को आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप से बरी कर दिया। इस दौरान कोर्ट का आदेश आने के बाद सभी को न्यायिक अभिरक्षा में ले लिया गया। बाद में अपील दाखिल होने तक सभी को जमानत पर रिहा दिया गया।

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वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव के दौरान 24 अप्रैल को तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी मुख्तार अब्बास नकवी का प्रचार वाहन पुलिस ने जब्त कर लिया था। विरोध में भाजपाइयों ने पटवाई थाने के सामने जाम लगा दिया था। साथ ही पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन भी किया था। इस मामले में पटवाई थाने के दरोगा राम किशन ने नकवी समेत 23 भाजपाइयों के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले की तफ्तीश की और फिर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की।
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कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई करते हुए बुधवार को फैसला सुनाया। अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन मनीष कुमार ने केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी समेत 19 को दोषी करार देते हुए सभी को न्यायिक अभिरक्षा में लेने के आदेश कर दिए। बाद में कोर्ट ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई की और फिर कोर्ट ने सभी को एक-एक साल की सजा व चार-चार हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई। बाद में सभी को अपील दाखिल होने तक 15 हजार का जमानती व इतनी ही धन राशि का निजी मुचलका दाखिल करने पर जमानत दे दी।
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इनको हुई सजा
मुख्तार अब्बास नकवी, बलदेव सिंह औलख, सुभाष भटनागर, अवधेश शर्मा, जागेश्वर दयाल दीक्षित, विवेक पांडे, श्याम शर्मा, ऋषि पांडे, सूर्य प्रकाश पाल, धर्मेंद्र यादव, प्रदीप यादव, सुरेश गंगवार, विनय कृष्ण शर्मा, विकट पाल सिंह, महासिंह, भागीरथ गंगवार, कुंवरपाल सिंह, वीरेंद्र गोयल, डौली रंधावा।

इनका फैसला अभी बाकी-राजू, वीरेंद्र गंगवार, राजेंद्र पाल सिंह।
इनकी हुई सुनवाई के दौरान मौत - पूर्व जिलाध्यक्ष गोविंद राम लोधी।

किस धारा में कितनी हुई सजा
आईपीसी की धारा-143 - छह माह की सजा और दो-दो हजार रुपये जुर्माना।
आईपीसी की धारा-341-  एक माह की सजा और पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना।
आईपीसी की धारा-342- एक-एक साल की कैद व एक-एक हजार रुपये जुर्माना।
धारा - 7 दांडिक संशोधन विधि अधिनियम1932- छह माह का कारावास व पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना।

(जुर्माना अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ सकती है।)

इस धारा में हुए बरी-
आईपीसी की धारा 188- कोर्ट ने इस मामले में सभी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।

कब क्या हुआ
- 24 मार्च 2009 को पटवाई थाने में मुकदमा दर्ज हुआ।
- 31 अगस्त 2009 को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की।
- 05 मार्च 2010 को कोर्ट ने संज्ञान लिया।
- 17 दिसंबर 2014 को दोनों पक्षों की बहस पूरी
- 14 जनवरी 2015 को कोर्ट ने सुनाया फैसला।

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