{"_id":"d1e81a52-8b87-11e2-83f8-d4ae52bc57c2","slug":"six-ips-officer-changed-in-prataprgarh-in-one-year","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजा का रसूखः प्रतापगढ़ में डेढ़ साल में बदले छह एसपी ","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
राजा का रसूखः प्रतापगढ़ में डेढ़ साल में बदले छह एसपी
फरहत खान/इलाहाबाद
Updated Wed, 13 Mar 2013 08:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजा भैया के रसूख का प्रदेश की सपा सरकार पर ऐसा दबाव रहा कि पिछले एक साल में प्रतापगढ़ जिले में छह एसपी बदले गए। अब जब डीएसपी जिया उल हक की हत्या ने राजनीतिक रंग लेना शुरू किया है तब राजा भैया के दबदबे को लेकर प्रदेश सरकार पर उंगलियां उठने लगीं हैं।
विज्ञापन
राजा भैया साढ़े ग्यारह महीने की जिस अवधि में प्रदेश सरकार में काबीना मंत्री रहे, इसमें उनके गृह जनपद प्रतापगढ़ में छह एसपी बदले गए। राजा भैया के जिले में एक भी आईपीएस साठ दिन यानी दो महीने से ज्यादा नहीं टिक सका।
विज्ञापन
कुंडा में अस्थान दंगो के बाद आईपीएस किरण एस को तैनाती मिली, उन्होंने जरूर कुछ ज्यादा महीने गुजार लिए। हालांकि बाद में उन्हें भी हटना ही पड़ा। आईपीएस की तैनाती को लेकर सूबे के किसी और जिले का ऐसा हाल नहीं रहा।
विज्ञापन
इन तबादलों में राजा का रसूख काम आया या फिर कोई बड़ा दबाव, इसका जवाब फिलहाल सरकार ही दे सकती है। जब एसपी की तैनाती को लेकर प्रतापगढ़ में ऐसे हालात हैं तो सीओ और उनके नीचे के पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग अपनी कहानी खुद कह सकती है।
राजा भैया ने पिछले साल पंद्रह मार्च को जब मंत्री पद की शपथ ली थी, उस वक्त वर्ष 2005 बैच के आईपीएस अफसर दीपक कुमार थे लेकिन राजा भैया के मंत्री बनने के तेरहवें दिन 28 मार्च को उनका तबादला कर दिया गया। 30 मार्च को 2006 बैच के आईपीएस शलभ माथुर को प्रतापगढ़ का जिम्मा दिया गया।
वह महज डेढ़ महीना ही प्रतापगढ़ में गुजार सके। 16 मई को उन्हें यहां से हटा दिया गया। इसके बाद 98 बैच के आईपीएस ओम प्रकाश सागर को प्रतापगढ़ का एसपी बनाया गया।
ओम प्रकाश तो डेढ़ महीना भी वहां नहीं टिक सके। 17 मई को उनको प्रतापगढ़ में तैनात किया गया और 29 जून को उन्हें हटा दिया गया। ओम प्रकाश सागर के बाद 2008 बैच के आईपीएस किरण एस को प्रतापगढ़ में तैनाती मिली।
किरण एस तीस जून से तेरह फरवरी तक प्रतापगढ़ में तैनात रहे। इसके बाद तेरह फरवरी को ही प्रतापगढ़ में नए एसपी की पोस्टिंग हो गई। उसी दिन अनिल कुमार राय ने प्रतापगढ़ का चार्ज संभाला। अनिल को महीने भर भी प्रतापगढ़ में टिकने का मौका नहीं मिला।
डीएसपी जियाउल हक, प्रधान नन्हें यादव और उसके भाई की हत्या के बाद मचे बवाल के दौरान अनिल कुमार राय को हटा दिया गया।
अब शासन ने कुंडा कांड को ठंडा करने के लिए 2006 बैच के आईपीएस एलआर कुमार को प्रतापगढ़ की कमान सौंपी है। फिलहाल वही कुंडा कांड की जांच में सीबीआई का सहयोग कर रहे हैं। कुंडा में मचे कोहराम में राजा भैया का हाथ है या नहीं इसका फैसला तो सीबीआई करेगी लेकिन प्रतापगढ़ में आईपीएस के तबादलों का जवाब सरकार को ही देना पड़ेगा।
सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि राजा भैया के मंत्री बनने से पहले चार आईपीएस, दीपक कुमार, राकेश प्रधान और मोहित अग्रवाल ने प्रतापगढ़ में करीब एक साल का वक्त पूरा किया जबकि लालजी शुक्ला महज सात महीने ही प्रतापगढ़ एसपी के पद पर रह सके।