{"_id":"bd1085d1e64191249de81ff906256745","slug":"six-army-officers-booked-for-harassing-junior","type":"story","status":"publish","title_hn":"सैन्य अधिकारियों पर जूनियर के उत्पीड़न का केस दर्ज","category":{"title":"India News Archives","title_hn":"इंडिया न्यूज़ आर्काइव","slug":"india-news-archives"}}
सैन्य अधिकारियों पर जूनियर के उत्पीड़न का केस दर्ज
एजेंसी/जयपुर
Updated Mon, 30 Dec 2013 08:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अजमेर पुलिस ने छह सैन्य अधिकारियों के खिलाफ अपने जूनियर के उत्पीड़न का मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
आरोपी अधिकारियों में दो ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी भी शामिल हैं। इन सभी पर यूनिट में गड़बड़ी और अनियमितता का मामला उठाने पर जूनियर को परेशान करने और उसे मानसिक रूप से बीमार घोषित करने के प्रयास का आरोप लगा है। सेना का कहना है कि वह मामले की जांच शुरू कर चुकी है।
नसीराबाद सैन्य छावनी में कंपोजिट आर्टिलरी ब्रिगेड के लेफ्टिनेंट कर्नल अरुण कुमार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि सीनियर्स ने उसके खिलाफ साजिश रची और उसे मानसिक रूप से बीमार साबित करने की कोशिश की क्योंकि उसने ब्रिगेड के कुछ सीनियर अधिकारियों के भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की शिकायत की थी।
विज्ञापन
कोर्ट के आदेश के चलते अजमेर पुलिस ने 19 दिसंबर को ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर एके गांगुली, उनके डिप्टी कर्नल ललित अग्निहोत्री, कर्नल रोहित झा, नसीराबाद सैन्य अस्पताल के कमांडर ब्रिगेडियर संजीव वास्पयन, मेडिकल ऑफिसर मेजर एसवी रेखा और कार्यवाहक रजिस्ट्रार मेजर गुरमेंद्र सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
विज्ञापन
सेना के प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि सेना ने तथ्यों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी का गठन किया है। सेना इस पूरे मामले से पूरी तरह से अवगत है।
अपनी शिकायत में 54 वर्षीय कुमार ने आरोप लगाया कि ब्रिगेड में उसने फंड के दुरुपयोग और अन्य भ्रष्टाचार के मामले पाए। इसके खिलाफ उसने आवाज उठाई थी लेकिन शिकायतों से खफा ब्रिगेड के कमांडर और उनके डिप्टी ने उनके खिलाफ साजिश रची।
शिकायत में कहा गया है कि ब्रिगेड कमांडर ने कुमार को धमकाया था कि वह अब सेना में अपनी सेवा जारी रखने के योग्य नहीं रह जाएगा। इस साल 17 मई को ब्रिगेडियर ने उसे एक नोटिस थमाया, जिसमें उसे मानसिक रूप से बीमार बताया गया। कुमार ने आरोप लगाया कि ब्रिगेडियर गांगुली ने सैन्य अस्पताल के कमांडर के साथ मिलकर उसे मानसिक रूप से बीमार साबित करने की साजिश रची। उसने सैन्य अस्पताल में खुद के उत्पीड़न का भी आरोप लगाया।
साजिश और उत्पीड़न का आरोप लगाने के बाद अधिकारी ने 21 मई को जोधपुर पुलिस को मामले में हस्तक्षेप के लिए लिखा। साथ ही उसने आर्मी स्टाफ के प्रमुख के सामने भी अपना मामला उठाया। कुमार ने एक शिकायत अजमेर की अदालत में भी की, जिसके निर्देश पर छह अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ।