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मंजूनाथ हत्याकांड में 6 आरोपियों को उम्र कैद

Wed, 11 Mar 2015 03:01 PM IST
Updated Wed, 11 Mar 2015 03:01 PM IST
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six accused get life imprisonment in manjunath murder case

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मंजूनाथ हत्याकांड मामले में 6 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। एस मंजूनाथ इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में सेल्स मैनेजर थे, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में मिलावटी तेल बेचने वाले एक रैकेट का भंडाफोड़ किया था।

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जस्टिस रंजन गोगोई और एनवी रमन ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के विरुद्ध की गई अपील के तहत हुई सुनवाई में ये फैसला सुनाया है।

इसमें मंजूनाथ की हत्या के आरोपी मोनू मित्तल उर्फ पवन कुमार मित्तल के अतिरिक्त देवेश अग्निहोत्री, राकेश आनंद, विवेक शर्मा, शिवेश गिरी और राजेश शर्मा हैं।

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19 नवंबर 2005 को हुई थी हत्या

six accused get life imprisonment in manjunath murder case

मंजूनाथ की हत्या 19 नवम्बर 2005 को यूपी के लखीमपुर खीरी में गोली मारकर तब कर दी गयी थी, जब वो मिलावटी पेट्रोल का नमूना लेने पेट्रोल पंप पहुंचे थे।

उन्होंने पेट्रोल पम्प पर मिलावटी तेल बेचे जाने का पर्दाफाश किया था। इस पेट्रोल पम्प के मालिक का नाम पवन कुमार मित्तल उर्फ़ मोनू मित्तल था।

सरकारी वकील के अनुसार मंजूनाथ ने मित्तल के पेट्रोल पंप का लाइसेंस रद्द करने की धमकी दी थी, जिसके कारण उनकी हत्या कर दी गई। मंजूनाथ की गोली लगा शव अगले दिन सीतापुर जिले के माहोली से मिला था।

कौन थे मंजूनाथ

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मंजूनाथ आईआईएम लखनऊ के छात्र रहे थे। आईआईएम के छात्रों और मीडिया ने मंजूनाथ की हत्या के मामले को तब काफी उछाला था और कहा गया था कि उनकी ईमानदारी के कारण उनकी जान गई थी।

इस मामले में अभियुक्तों के ख़िलाफ़ 15 फ़रवरी, 2009 को चार्जशीट दायर की गई थी। अदालत ने तब इसे पहले से य अपने फैसले में मोनू मित्तल को फांसी की सज़ा सुनाई थी, जबकि उनके दूसरे सहयोगियों को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी।

नियमानुसार फांसी की सज़ा की पुष्टि हाईकोर्ट द्वारा होती है। हाईकोर्ट में हुई सुनवाई में मुख्य अभियुक्त मोनू मित्तल की फांसी की सज़ा को उम्रक़ैद में बदल दिया गया था।

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