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फंदा लगाने से पहले गजेंद्र ने बहन से क्या की थी आखिरी बात?

Fri, 24 Apr 2015 12:10 PM IST
Updated Fri, 24 Apr 2015 12:10 PM IST
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sister called gajendra before suicide

सियासत के सर्कस में गजेंद्र सिंह की आत्महत्या नया तमाशा बन गई है। राजनीतिक दल अपनी फितरत और जरूरत की मुताबिक उनकी आत्महत्या को भुना रहे हैं।

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गजेंद्र की चिता की राख जैसे-जैसे ठंडी हो रही है, उन हालात की तस्वीर अधिक साफ हो रही है, जिन हालात में उन्होंने आत्महत्या की। ये तस्वीर कम से कम ये तस्दीक तो कर ही रही है कि गजेंद्र जंतरमंतर आत्महत्या करने के इरादे से नहीं गए थे।
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, बुधवार को जंतरमंतर पर गमछे से फंदा लगाने से चंद मिनट पहले गजेंद्र ने अपनी बहन से मोबाइल बात की थी। गजेंद्र की बहन रेखा कंवर ने ही उन्हें फोन किया था। बहन के मुताबिक, बातचीत से गजेंद्र खुश लग रहे थे और शाम तक जयपुर पहुंचने को कहा था।

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बहन से किया था, शाम तक जयपुर लौटने का वादा

sister called gajendra before suicide

गजेंद्र की बहन रेखा कंवर ने बताया, 'उनकी आवाज साफ सुनाई नहीं दे रही थी, क्योंकि वहां बहुत शोर हो रहा था। उन्होंने बताया कि वे एक रैली में हैं और शाम जयपुर लौटने का वादा किया।'

गजेंद्र ने रेखा को फोन पर बताया था कि उनके पास 1.5 लाख रुपए हैं, जो उन्होंने दिल्ली में एक शादी में पगड़ी बांधने के एक ठेके से कमाए थे। 27 अप्रैल को उनकी भतीजी की शादी थी। बहन ने बताया कि उन्हें शादी के लिए फर्नीचर और कपड़े खरीदने थे।

गजेंद्र की पांच बहनें हैं, रेखा उनमें से एक है। उनके दो भाई भी हैं। गजेंद्र खेती के अलावा साफा बांधने का बिजनेस भी करते थे। गजेंद्र ने अपनी बहन रेखा कंवर के घर को ही अपने बिजनेस के प‌ते के रूप में दे रखा था।

साफे के बिजनेस से गजेंद्र को हो रहा था फायदा

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गजेंद्र को उनके गांव झामरवाड़ा में बबलू कहा जाता था। उनके पड़ोसियों और रिश्तेदारों ने बताया कि उन्हें देखकर कभी ऐसा नहीं लगा कि वे फसलों की बर्बादी से तनाव में थे।

उन्होंने बताया कि गजेंद्र को साफे के बिजनेस से बहुत फायदा हो रहा था। रिश्तेदारों ने बताया कि 2003 में उन्होंने सपा से टिकट लेने की कोशिश की थी, हालांकि पार्टी ने मना कर दिया, जिसके बाद उनकी राजनीति महत्वाकांक्षाएं खत्म हो गई थीं। पिछले कुछ दिनों से एक बार फिर राजनीतिक रूप से सक्रिय हो गए थे।

रेखा ने बताया कि इन दिनों वे बहुत खुश थे, क्योंकि उनकी भतीजी की शादी होने वाली थी और उससे वह बहुत प्यार करते थे।

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