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अटल के वित्त मंत्री ने की मोदी के नए कदम की आलोचना

Mon, 13 Apr 2015 05:50 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 13 Apr 2015 05:50 PM IST
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Sinha raised question about abolition of Planning Commission

योजना आयोग का खात्मा कर उसकी जगह नीति आयोग लाए जाने के केंद्र सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना हुई। लेकिन अब पूर्व वित्त मंत्री ने इस पर उंगली उठाते हुए कहा है कि ऐसा करने से राज्यों को आवंटित किए जाने वाले फंड को लेकर काफी मुश्किलें आएंगी।

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पुणे इंटरनेशनल सेंटर द्वारा आयोजित एक समारोह में बोलते हुए सिन्हा ने कहा, " इस कदम से योजनागत और गैर-योजनागत खर्चों के वितरण में भी मुश्किलें आएंगी। ऐसे में जब योजना आयोग को खत्म कर दिया गया है इससे फंड की योजना और वितरण का काम बाधित है।"
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देश में नीति निर्माण की राजनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह गहन विवेचनाओं के बजाए पूरी तरह चुनावी वादों पर केंद्रित होती थी। सिन्हा ने कहा कि मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहा था उसी दौरान मेरी गाड़ी का एक पहिया कच्ची सड़क में धंस गया था। उस वक्त मैने प्रधानमंत्री को सुझाव दिया था कि ग्रामीण इलाकों की सड़कों के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना लाई जानी चाहिए।

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यशवंत सिन्हा की संभावनाएं हो सकती हैं धूमिल

Sinha raised question about abolition of Planning Commission

आपको बता दें कि चीन में बनने वाले ब्रिक्स बैंक के चेयरमैन पद के लिए यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी के नाम की चर्चा हुई थी। ऐसे में सीधे तौर पर मोदी की नीतियों की आलोचना करने से उनकी यह संभावना धूमिल हो सकती है।

वैसे तो योजना आयोग के खात्मे को लेकर विपक्ष के कई नेता अपना तीखा विरोध दर्ज करा चुके हैं। अपनी ही पार्टी के एक नेता द्वारा पार्टी के फैसले पर विरोध दर्ज कराने को भले ही पार्टी विद डिफरेंस की आड़ में छुपा लिया जाए लेकिन यह एक अच्छा संकेत नहीं है कम से कम सिन्हा के लिए तो नहीं।

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