शत्रुघ्न सिन्हा ने पार्टी को शर्मिंदा किया: जेटली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुंबई बम धमाके के दोषी याकूब मेमन की फांसी टलवाने की कोशिशों में पार्टी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के शामिल होने से भाजपा नेतृत्व खासा खफा है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सिन्हा ने मेमन की दया याचिका पर हस्ताक्षर कर पार्टी को शर्मिंदा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार और भाजपा की आतंकवाद के प्रति नीति साफ है।
हम इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह जानते हुए भी सिन्हा ने मेमन से संबंधित याचिका पर हस्ताक्षर करने की बड़ी भूल की।
बढ़ गई खटपट
सिन्हा उन जानी मानी हस्तियों में शरामल थे, जिन्होंने मेमन को फांसी न
देने के लिए लिखे गए पत्र में हस्ताक्षर करने के अलावा मेमन का बचाव किया
था।
उल्लेखनीय है कि बिहार विधानसभा चुनाव के आहट के साथ ही सिन्हा और
पार्टी नेतृत्व के बीच खटपट बढ़ गई है। बीते दिनों उन्होंने पार्टी के
वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी की सलाह न लेने के लिए नेतृत्व की खिंचाई की
थी, जबकि बिहार दौरे में नीतीश-लालू पर सियासी हमला बोलने के लिए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की थी।
सिन्हा बीते कई दिनों से बिहार
के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद के मुखिया लालू प्रसाद यादव की जम कर
तारीफ भी कर रहे हैं।
पार्टी हुई शर्मिंदा
जेटली ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि
शत्रुघ्न याकूब को बचाने की मुहिम में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि चूंकि
पार्टी और सरकार आतंकवाद से किसी प्रकार का समझौता न करने की नीति के तहत
याकूब को फांसी की सजा दिलाना चाहती थी।
ऐसे में सिन्हा का बचाव की मुहिम
में शामिल होना और इसके तहत दया याचिका पर हस्ताक्षर करने से पार्टी
शर्मिंदा हुई है। हालांकि जेटली ने इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि क्या
इसकेलिए पार्टी उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी?
हालांकि भाजपा सूत्रों का
कहना है कि सिन्हा के हालिया रुख से पहले से ही नाराज चल रहा पार्टी
नेतृत्व मेमन मामले में उनकी भूमिका से बहुत ज्यादा खफा है।