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देवबंदी उलेमा बोले, 'राष्ट्रगान गाना कोई जुर्म नहीं'

Fri, 08 Jan 2016 08:21 AM IST
Updated Fri, 08 Jan 2016 08:21 AM IST
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singing national anthem is not a crime

पश्चिमी बंगाल में मदरसा छात्रों को राष्ट्रगान सिखाने वाले शिक्षक की पिटाई किए जाने पर देवबंदी उलेमा ने कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि राष्ट्रगान का अभ्यास कराना कोई जुर्म नहीं है। शिक्षक के साथ जो कुछ हुआ वह निंदनीय है।

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दारुल उलूम वक्फ के वरिष्ठ उस्ताद मौलाना मुफ्ती आरिफ कासमी ने कहा कि  कोलकाता के मटियाबुर्ज इलाके में स्थित तालपुकुर आरा मदरसे के हेडमास्टर काजी मासूम अख्तर को छात्रों को राष्ट्रगान सिखाने के चलते मारपीट कर मदरसे से बाहर निकाले जाने के मामले की निंदा की है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान गाना या उसका अभ्यास कराना कोई जुर्म नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक इस्लामिक पहनावे का मामला है, तो प्रतीत होता है कि उसी के कारण शिक्षक पर इस तरह का झूठा इल्जाम लगाकर उन्हें बाहर निकाला गया है, जो सरासर निंदनीय है।

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'शिक्षक के साथ हुई ज्यादती'

singing national anthem is not a crime

मदरसा अल जामिया तुल अनवरिया के मोहतमिम मौलाना नसीम अख्तर शाह कैसर ने भी शिक्षक काजी मासूम अख्तर के साथ मारपीट करने को गलत बताते हुए कहा कि उनके साथ ज्यादती हुई है।

मारपीट करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान सभी मदरसों में गाया और सिखाया जाता है इससे किसी को कोई ऐतराज नहीं है। यदि सिर्फ इसी मामले को लेकर मारपीट की गई है तो यह शिक्षक के साथ ज्यादती है।

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