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'हम धर्मांतरण के लिए नहीं, लोगों का दिल जीतने निकले हैं'

Sun, 21 Dec 2014 02:37 PM IST
Updated Sun, 21 Dec 2014 02:37 PM IST
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Singhal said not converting people but trying to win their hearts

आगरा में हुआ धर्मांतरण प्रकरण अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि अशोक सिंघल के बयान ने इस मुद्दे को और तूल दे दिया। विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष अशोक सिंघल ने धर्मांतरण मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हम दुनिया के धर्मांतरण के लिए कभी नहीं निकले, लेकिन हम लोगों के हृदय जीतने के लिए निकले हैं।

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अशोक सिंघल ने कहा कि हमारी खोई हुई दिल्ली की सत्ता जो पृथ्वीराज के समय में हमारे हाथ से निकल गई थी, 800 बरस बाद फिर से कायम हुई है। उन्होंने आगे कहा कि इस्लाम और ईसाइयत को मानने वाले लोग जो कर रहे हैं उससे लग रहा है कि दुनिया विश्व युद्ध के सामने खड़ी है। सिंघल ने यह भी कहा कि यह सरकार हिंदू की रक्षा करने वाली है।
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संघ प्रमुख भागवत ने घर वापसी को ठहराया था जायज

Singhal said not converting people but trying to win their hearts

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के घर-वापसी अभियान को जायज ठहराते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि जो लोग धर्मांतरण का विरोध कर रहे हैं उन्हें परंपराओं के इतर कानून लाए जाने का समर्थन करना चाहिए। इस्लाम और क्रिस्टियानिटी का बिना जिक्र किए उन्होंने कहा कि हम अपने उन भाईयों को घर लाएंगें जो अपना रास्ता भटक गए हैं। उन्होंने भारत को हिंदू राष्ट्र भी कहा।

विश्व हिंदू परिषद की गोल्डन जुबली के मौके पर कोलकाता के विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि हिंदू धर्मांतरण में विश्वास नहीं करते हैं। अगर किसी को डर है कि हिंदू धर्मांतरण का सहारा ले रहे हैं, वो ये सब रोकने के लिए संसद में कानून के लिए तैयार रहें।

घर वापसी पर बोलते हुए उन्होंने कहा, "भूले भटके जो भाई गए हैं उनको वापस लाएंगे, वो लोग अपने आप नहीं गए, उनको लूटकर और लालच देकर ले गए..अभी चोर पकड़ा गया है। मेरा माल चोर के पास है और ये दुनिया जानती है। मैं अपना माल वापस लूंगा, ये कौन सी बड़ी बात है।" भागवत ने यह भी कहा कि आप अपनी आंखों से परिवर्तन होते हुए देखोगे।

सरकार की विपक्ष को सलाह, सदन में बाधा न डालें

Singhal said not converting people but trying to win their hearts

धर्मांतरण मुद्दे पर बोलते हुए वैंकेया नायडू ने कहा कि अगर लोग अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन कर रहे हैं तो इसमें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए, लेकिन अगर इसे जोरजबरदस्ती किया जा रहा है तो राज्य सरकार को कोई सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन अगर राज्य सरकार भी कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सकती है तो यहां पर कोई केंद्रीय कानून होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि लोग इस मुद्दे पर बहस कर सकते हैं, चर्चा कर सकते हैं, लेकिन इस काम में बाधा डालना लोगों के हित में नहीं है। शाहनवाज हुसैन ने इस मुद्दे पर बोलते हुए कहा कि भाजपा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि हम जबरन धर्मांतरण के विरोध में हैं और इस मुद्दे पर सदन में बाधा पैदा कर विपक्ष को कुछ भी हासिल नहीं होने वाला है।

वहीं मोहन भागवत की टिप्पणी पर बोलते हुए सीपीआई नेता डी राजा ने कहा कि मैं निजी तौर पर इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करता हूं, भारत एक हिंदू राष्ट्र नहीं है यह एक लोकतंत्रात्मक गणराज्य है।

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