शेर को चेन में बांधना अक्षय कुमार पर पड़ा 'भारी'
फिल्म सिंह इज ब्लिंग में लॉयन को जंजीर से बांधने का दृश्य दिखाना अभिनेता अक्षय कुमार और प्रोड्यूसर-निदेशक प्रभु देवा समेत चार लोगों को भारी पड़ गया। पीपुल फॉर एनिमल आर्गनाइजेशन के प्रांतीय प्रभारी डा. रविंद्र शुक्ला की तहरीर पर इस मामले में थाना गजरौला में वन्य जीव क्रूरता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की विवेचना में जुट गई है।
पीपुल फॉर एनिमल आर्गनाइजेशन के प्रांतीय प्रभारी डॉ. रविंद्र शुक्ला ने 18 अक्तूबर को थाना गजरौला पुलिस को तहरीर दी थी। इसमें उन्होंने बताया कि ग्रेजिंग गॉट पिक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड मुंबई-49 की ओर से दो अक्तूबर 2015 को फिल्म सिंह इज ब्लिंग रिलीज की गई थी।
इसमें फिल्म के अभिनेता अक्षय कुमार लॉयन को जंजीर में बांध कर घुमाते हुए दर्शाए गए हैं। इस दृश्य की शूटिंग दक्षिण अफ्रीका में हुई थी। इस तरह के दृश्य भारत में दिखाना गैर कानूनी व प्रतिबंधित है, लेकिन फिल्म को तमाम सिनेमा हॉल में दिखाया गया है।
फिल्म में नहीं दिखा सकते यह दृश्य
पीपुल फॉर एनिमल आर्गेनाइजेशन के डा. रविंद्र शुक्ला का कहना है कि मिनिस्ट्री ऑफ इन्वायरमेंट एंड फॉरेस्ट ने 11 जुलाई 2011 को नोटिस जारी किया है कि किसी भी प्रतिबंधित वन्य जीव को फिल्म में प्रदर्शित नहीं कर सकते।
सिंह इज ब्लिंग फिल्म में लायन के दृश्य को प्रदर्शित करने के लिए मांगी गई परमीशन भी रद्द कर दी गई थी, इसके बावजूद फिल्म में लॉयन का दृश्य फिल्माया गया, इस मामले में एनिमल वैलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया और सेंसर बोर्ड दोनों से अभिनेता अक्षय कुमार व अन्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी।
वहीं गजरौला थाने के थानाध्यक्ष उपेंद्र यादव का कहना है कि पीपुल फॉर एनिमल आर्गनाइजेशन के प्रांतीय प्रभारी डा. रविंद्र शुक्ला की तहरीर के आधार पर सिंह इज ब्लिंग फिल्म के प्रोड्यूसर व डायरेक्टर प्रभु देवा, अभिनेता अक्षय कुमार समेत अश्विनी यार्डी व जयंती लाल गार्डी व अन्य के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ क्रूअल्टी टू एनिमल एक्ट 1960(वन्य जीव क्रूरता अधिनियम 1960 के सेक्शन 3/11/22/38) व क्रिमिनल कॉनप्रेंसी, आईपीसी की धारा 120बी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।