शादी के बाद सिंदूर के होश उड़ाने वाले साइड इफेक्ट
कल्पना छह माह से सिंदूर लगा रही है। इससे उसकी मांग के बाल सफेद होने लगे। साथ ही आसपास सफेद दाग भी नजर आने लगे हैं। डॉक्टर ने बताया कि सिंदूर में मिले रासायनिक पदार्थ उनकी त्वचा को सूट नहीं कर रहे। कल्पना जैसी कई लड़कियां हैं, जो सिंदूर लगाने से होने वाली परेशानियों से जूझ रही हैं।
प्रमिला जहां बिंदी लगाती है वहां गहरा सफेद दाग उभर आया है। उसने चर्म रोग विशेषज्ञ को दिखाया तो पता चला कि बिंदी में इस्तेमाल होने वाले रबर और सस्ते किस्म के गोंद के चलते ऐसा हो रहा है।
कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल के चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद सिंह कहते हैं कि सिंदूर बनाने में लेड (सीसा), मरकरी (पारा), आर्सेनिक जैसे खतरनाक रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल हो रहा है।
नवविवाहितों में बढ़ा चर्म रोग का खतरा
वाराणसी में बिकने वाला सिंदूर बड़ी मात्रा में यहीं तैयार किया जाता है। ऐसे में इनमें क्वालिटी कंट्रोल का ख्याल नहीं रखा जाता। इससे सिंदूर का इस्तेमाल करने वाली महिलाएं खासकर नवविवाहितों में चर्म रोग खतरा बढ़ रहा है। बिंदी लगाने से भी यही समस्या हो रही है। इनसे होने वाले सफेद दाग ल्यूकोडर्मा त्वचा रोग के लक्षण हैं।
डॉ. सिंह कहते हैं कि सारी परंपराओं का निर्वाह करें लेकिन जो चीज रोज इस्तेमाल करनी है उसकी क्वालिटी का ख्याल जरूर रखें।
ऐसे कर सकती हैं बचाव
- ब्रांडेड या लिक्विड सिंदूर का इस्तेमाल करें
- जब भी मौका मिले बिंदी निकाल कर रख दें
- एक ही जगह सिंदूर लगाने से बालों की जड़ें खत्म हो जाती हैं, जगह बदल-बदलकर लगाएं सिंदूर
- बिंदी या सिंदूर लगाने वाली जगह पर सफेदी दिखे तो विशेषज्ञ चिकित्सकों से मिलें