फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   shramev jayate

मोदी ने लॉन्च की 'श्रमेव जयते' योजना

Thu, 16 Oct 2014 10:40 PM IST
Updated Thu, 16 Oct 2014 10:40 PM IST
विज्ञापन
shramev jayate

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में राज्य सरकारों के श्रम एवं रोजगार मंत्रियों, स्वास्थ्य मंत्रियों तथा व्यावसायिक प्रशिक्षण मंत्रियों के एक दिवसीय सम्मेलन के दौरान 'पंडित दीनदयाल उपाध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रम' की शुरूआत की।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस कार्यक्रम का आगाज किया। यह सम्मेलन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के पांच विषयों पर केंद्रित रहा। माना जा रहा है कि सरकार की इस योजना से कर्मचारियों के साथ साथ मजदूरों को भी फायदा मिलेगा।
विज्ञापन


इस कार्यक्रम के दौरान देशभर में बड़े पैमाने पर एसएमएस भेजे गए। यूएएन के बारे में तकरीबन एक करोड़ ईपीएफओ सदस्यों को एसएमएस भेजे गए। साथ ही तकरीबन 6.5 लाख प्रतिष्ठानों और 1800 निरीक्षण अधिकारियों को एकीकृत श्रम पोर्टल के बारे में एसएमएस भेजे गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी तरह ऐसे ब्रांड एंबेसेडरों के बारे में आईटीआई प्रशिक्षुओं को तकरीबन 4 लाख एसएमएस भेजे गए जो आईटीआई से काफी पहले ही पास होकर निकल चुके हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में काफी सफल हैं। इतनी ही संख्या में ई-मेल भी इस दौरान भेजे गए।

श्रमेव जयते की लॉंचिंग पर ये बोले पीएम

shramev jayate
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि श्रमेव जयते में भी सत्यमेव जितनी ही ताकत है। उन्होंने कहा कि,"हमने बचपन से इंस्पेक्टर राज शब्द को सुना था, सोचा था कि ये पुलिसवालों की भाषा होगी लेकिन यह उससे भी बड़ा निकला। इस योजना में इंस्पेक्टर राज को खत्म करने की पहल की गई है।"

मोदी ने कहा कि,"अगर हमें मेक इन इंडिया को सफल बनाना है तो बिजनेस के लिए सकारात्मक माहौल बनाना होगा।"

श्रमेव जयते की पांच योजनाएं

shramev jayate
1. एकीकृत श्रम पोर्टल (जिसे श्रम सुविधा नाम दिया गया है) (http://efilelabourreturn.gov.in) और केंद्र सरकार के चार संगठनों ईएसआईसी, ईपीएफओ, डीजीएम और सीएलसी के लिए पारदर्शी एवं उत्तरदायी श्रम निरीक्षण योजना।

2. कर्मचारी भविष्य निधि के लिए सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) के जरिये पोर्टेबिलिटी।

3.
मांग आधारित व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की योजना।

4. प्रशिक्षु प्रोत्साहन योजना।

5. असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए पुनर्गठित राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई) का क्रियान्वयन।

श्रमेव जयते: ये लोग रहे मौजूद

shramev jayate

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार, इस्पात व खान मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और श्रम एवं रोजगार, इस्पात तथा खान राज्य मंत्री विष्णु देव साय भी इस अवसर पर मौजूद रहे। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों के सचिवों ने भी इस सम्मेलन में शिरकत की।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, सूक्ष्म, लघु व मझौले उपक्रम मंत्री कलराज मिश्र, वाणिज्य व उद्योग, वित्त तथा कॉरपोरेट मामलों की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) निर्मला सीतारमण और कौशल विकास, उद्यमिता, युवा मामले तथा खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सर्बानन्द सोनोवाल भी इस मौके पर उपस्थित रहे।

तकरीबन 35 मंत्रियों और 60 राज्य सरकार सचिवों ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) के 64 सीईओ तथा 20 बीमा कम्पनी प्रमुखों ने भी इस सम्मेलन में शिरकत की।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed