तेजपाल के लिए बदलीं शोमा!

अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 22 Nov 2013 04:20 PM IST
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shoma chaudhary under fire because of her attitude

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देश में एक वक्त स्टिंग ऑपरेशन का पर्याय माने जाने वाले मीडिया समूह तहलका में इन दिनों तहलका मचा हुआ है।
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इस मीडिया समूह को बुलंदियों तक पहुंचाने वाले तरुण तेजपाल खुद ऐसे आरोपों में फंसे हैं कि मीडिया जगत हैरान रह गया।
तेजपाल पर उन्हीं के दफ्तर में काम करने वाली एक महिला पत्रकार ने दो बार यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वो खुद भले छह महीने के लिए पद से हट गए हों, लेकिन उनकी चौतरफा आलोचना जारी है।
लेकिन इस पूरे मामले में तहलका की मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी पर भी खूब सवाल बरसाए जा रहे हैं। सोशल नेटवर्किंग साइट पर उन्हें आड़े हाथों लिया जा रहा है। और इसकी वजह भी है।

अपनी बारी में बदलीं शोमा
गुरुवार को जब शोमा से पूछा गया कि क्या तेजपाल के खिलाफ कानूनी मामला दर्ज नहीं होना चाहिए, तो उन्होंने बड़ी संवेदनहीनता से जवाब दिया कि महिला पत्रकार ने माफी मांगने के लिए कहा था और उनका इस्तीफा इससे कहीं बड़ी चीज है।

महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले लोगों का कहना है तेजपाल कोई भगवान नहीं है, जो अपनी सजा भी खुद मुकरर्र कर रहे हैं।

शोमा की बातें भी कुछ हैरानी में डालती हैं, क्योंकि इससे पहले दुष्कर्म मामलों और महिला अधिकारों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करती रही हैं और अब उनका अंदाज बिलकुल बदल गया है।

दूसरों पर किए थे खूब वार
सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा ने जब कहा था कि अगर रोका न जा सके, तो रेप का मजा लेना चाहिए, इस पर शोमा का गुस्सा खूब फूटा था।

उस वक्त शोमा ने ट्वीट पर कहा था, "बलात्कार के मजे लेने वाले बयान पर रंजीत सिन्हा की कुर्सी चली जानी चाहिए। कितनी शर्म की बात है कि वह इस टिप्पणी का बचाव भी कर रहे हैं।"

दिल्ली गैंगरेप मामले के वक्त भी वह काफी सक्रिय थीं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा था, "हमें बलात्कार पीड़ितों के लिए तुरंत न्याय चाहिए। निर्भया की यही मांग थी। लेकिन यह सवाल खुद से जरूर पूछिएगा कि ज्यादातर महिला कार्यकर्ताएं दोषियों को सजा-ए-मौत देने के खिलाफ क्यों हैं?"

शोमा की सफाई
शोमा चौधरी ने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है, जैसे वो पीड़िता के खिलाफ हैं, जबकि असलियत यह है कि उन्हें इस बात का गर्व है कि उस युवती ने बोलने की हिम्मत जुटाई।

उन्होंने कहा, "कुछ भी कहा जाए, सच यह है कि मैं सच की पक्षधर हूं।" वह फिलहाल इस मामले को रेप नहीं मान रही हैं। शोमा ने कहा, "अगर युवती का बयान सच साबित होता है, तो वह इस मामले को रेप या रेप की कोशिश मानेंगी।"

पीड़िता अब भी नाराज
लेकिन जब मामला अपने संस्थान का आया, तो शोमा की बातें भी बदल गईं और नीयत भी। गुरुवार को उनके बयानों के बाद पीड़िता ने भी अपनी नाराजगी जताई और साफ किया कि तहलका की मैनेजिंग एडिटर का यह कहना सरासर गलत है कि ऑफिस के सभी लोग तेजपाल की सफाई से संतुष्ट हैं।

पीड़िता का कहना है कि तेजपाल का बयान मीडिया में बांटा गया, लेकिन उसकी शिकायत सभी के सामने नहीं रखी गई। उसका यह भी कहना है कि वह तहलका की प्रतिक्रिया से काफी निराश है।

तेजपाल पर गोवा में पीड़िता से दो बार यौन शोषण करने का आरोप लगा है। उन्होंने शोमा को ईमेल लिखकर अपना गुनाह कबूला और माफी मांगते हुए छह महीने के लिए एडिटर की पोस्ट से हटने की पेशकश की।
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