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'बेटा मत खेल, वरना राखी आ जाएगी...!'

Thu, 09 Jan 2014 10:48 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Thu, 09 Jan 2014 10:48 AM IST
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sholay moment in delhi assembly, jibes at aap leaders

मंगलवार को संपन्न हुए दिल्ली विधानसभा के आखिरी सत्र में तंज कसे गए, राजनीतिक चुहलबाजी हुई और खेल-खेल में सीख देने की कोशिश भी हुई।

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कई साल में ऐस पहली बार हुआ कि भाजपा और कांग्रेसी नेताओं की राह एक होती दिखी, लेकिन ऐसा सिर्फ तब हुआ जब अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली सरकार की आलोचना की बात आई।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी के मंत्री और विधायक सत्र के दौरान शांत रहे। लेकिन उनकी सरकार को समर्थन दे रही कांग्रेस के नेताओं ने भी बातों-बातों में हमला बोलने का कोई मौका नहीं छोड़ा। आइए जानें दिल्ली विधानसभा में शोले फिल्म के डायलॉग कैसे गूंजे।
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राखी ‌को बनाया गब्बर सिंह?

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ओखला के कांग्रेस विधायक आसिफ मोहम्मद खान ने शोले के एक डायलॉग के साथ जोरदार शुरुआत की और उनके निशाने पर महिला एवं बाल विकास मंत्री राखी बिडलान थी। राखी की कार का शीशा एक बच्चे की बॉल से टूट गया था, लेकिन इसे लेकर काफी हंगामा हुआ और तथाकथित रूप से इसे हमला बताया गया।

खान ने कहा, "गांव में जब 50-50 कोस दूर जब बच्चा बाहर निकलता है, तो मां कहती है कि बेटा मत खेल, नहीं तो राखी बिडलान आ जाएगी।" उनके डायलॉग खत्म करते ही सदन में ठहाका लग गया।

जब आम आदमी पार्टी के विधायकों ने आरोपों का जवाब देने की कोशिश की, तो भाजपा विधायक अनिल झा ने सवाल किया, "क्या आपने मुख्यमंत्री से इजाजत ‌ली है? आपको बोलने से मना किया था ना। क्या केजरीवाल और सिसोदिया ने आपको बोलने की इजाजत दी है?"

केजरीवाल और ‌मनीष पर चुटकी!

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यह हमला इसलिए किया गया, क्योंकि अरविंद केजरीवाल ने अपने विधायकों से बार-बार कह रहे थे कि वे विपक्ष के हमले का कोई जवाब न दें।

झा ने लगे हाथ आम आदमी पार्टी को समर्थन देने के लिए दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, "आप केवल आठ सदन तक पहुंच पाएं हैं, लेकिन इतना बोल रहे हैं।" इस पर लवली ने जवाब दिया, "आप लोग 32 हैं, फिर भी विपक्ष में बैठ रहे हैं।"

भाजपा नेताओं ने हारुन यूसुफ की उस टिप्पणी पर भी पलटवार किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब केरोसिन पर पाबंदी लगाई गई, तो कोई परिंदा भी विरोध करने नहीं आया। झा ने इस पर कहा, "अपने आसपास देखिए, ऐसा लगता है कि कोई वोट देने भी नहीं आया।"

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कांग्रेस ने हमले किए, घिरी भी!

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भाजपा के एक और विधायक रमेश बिधूड़ी ने आम आदमी पार्टी का साथ देने के लिए कांग्रेस पर बार-बार वार किया। उन्होंने कहा, "कांग्रेस आम आदमी पार्टी से और क्या कहेगी? उन्होंने स्वीकार किया कि वह आपका पर्दाफाश करने के लिए यह समर्थन दे रहे हैं।" इस बात पर लवली और हारुन मुस्कुराते दिखे।

इस चुटीली लड़ाई के बीच भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूजे से हाथ भी मिलाया और हमला किया अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी पर।

एक भाजपा विधायक ने कहा, "आप 100 रैन बसेरे कैसे बना सकते हैं, जब इसी वादे पर आप पहले नाकाम साबित हो चुके हैं? आपने 500 स्कूल खोलने की बात कही है। लेकिन बिना जमीन और बजट सुनिश्चित किए यह कैसे होगा?"

केजरीवाल की शपथ का खर्च 1 करोड़!

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जगदीश मुखजी ने कहा कि मुख्यमंत्री के शपथ में 25 लाख रुपये खर्च हुए और रामलीला मैदान में 70 लाख खर्च हुए। वहीं कांग्रेस विधायक दल के नेता हारून यूसुफ ने कहा कि अभिभाषण में महंगाई को लेकर कुछ नहीं है। खाद्य सुरक्षा योजना और सरकार के प्रोजेक्ट चालू रखने की बात का भी कहीं जिक्र नहीं है। बिजली ऑडिट पर भी कुछ नहीं कहा गया है।

सरकार भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करना चाहती है तो कांग्रेस साथ है। पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने में भी पूरा सहयोग करेगी। भाजपा विधायक रमेश बिधूड़ी ने कहा कि आम आदमी की परिभाषा समझ में नहीं आती है। अनिल झा ने कहा कि यमुना नदी की कोई बात अभिभाषण में नहीं है। कांग्रेस विधायक देवेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार बहुत जल्दी में है।

आसिफ मोहम्मद खान ने विपक्ष को ही निशाना करते हुए कहा कि आजादी के बाद अगर आतंकवाद की कोई घटना हुई है तो गांधी जी की हत्या है। हत्या करने वाले विपक्षी पार्टी से ही जुड़े लोग थे। इस पर भाजपा विधायक आरपी सिंह वेल में आ गए। उन्होंने कांग्रेस पर बटला हाउस समर्थक होने का आरोप लगाया।

चुप्पी साधे रहे AAP के विधायक

sholay moment in delhi assembly, jibes at aap leaders

विधानसभा के पांच दिवसीय सत्र में आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक महज दर्शक बने रहे। विश्वास मत के दौरान ‘आप’ को 77 मिनट का समय मिला था, एक मिनट भी इस्तेमाल नहीं किया।

अंतिम दिन उपराज्यपाल के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए ‘आप’ के हिस्से में 300 मिनट में से 120 मिनट थे। लेकिन ‘आप’ का कोई विधायक बोलने के लिए खड़ा नहीं हुआ। धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष और कांग्रेस के ही डेढ़ दर्जन से अधिक विधायकों ने अपनी बात रखी।

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