इस किसान की बेबसी सुनकर रो पड़ेंगे आप!
अपने खेत पर कट रही गेहूं की फसल देखने शनिवार शाम पहुंचे मथुरा क्षेत्र में बाजना के गांव महाराम गढ़ी के किसान रघुवीर सिंह (63) वहीं गश खाकर गिर पड़े। परिवारीजन उन्हें लेकर चिकित्सक के यहां दौड़े तब तक उन्होंने दम तोड़ दिया।
पीड़ित किसान के बेटे राकेश सिंह ने बताया उनके पास 20 बीघा खेत है। गेहूं की फसल बोने के लिए बैंक से 2.5 लाख रुपये कर्ज लिया था। बरसात के कारण गेहूं की बाली गिर गई, जो मिट्टी में मिलकर सड़ गई।
शनिवार शाम फसल काट रहे थे तभी पिता रघुवीर सिंह खेत पर पहुंचे और गिरी हुई सड़ी बालियों को देखने लगे। तभी अचानक वह जमीन पर गिर गए और उनकी मौत हो गई।
अलीगढ़ में किसान ने आग लगा जान दी
मौसम के कहर से किसानों की कमर टूटती जा रही है। मडराक में फसल बर्बाद होने पर एक युवा किसान ने आग लगाकर जान दे दी। किसान को गंभीर हालत में पहले जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया लेकिन उपचार के दौरान ही उसने दम तोड़ दिया।
कुछ दिनों पहले हुई बारिश से गांव कोठिया निवासी 25 वर्षीय कुलदीप पुत्र रनसिंह की फसल तबाह हो गई थी। इसी कारण वह तनाव में था और परेशान भी रहने लगा था। रविवार को वह अपनी मां के साथ खेतों पर गया था। वापस आया तो उसने खुद को कमरे में बंद कर लिया और स्वयं को आग लगा ली। जब आग की लपटें बाहर आनी शुरू हुईं तो परिजनों को घटना का पता चला। चीखपुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे और किसी तरह दरवाजा आदि तोड़कर कुलदीप को आग की लपटों से बाहर निकाला। लेकिन तब तक वह बुरी तरह जल चुका था।
गंभीर हालत में उसे पहले जिला अस्पताल और बाद में मेडिकल कालेज ले जाया गया। यहां पर उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक कुलदीप के शरीर में एल्कोहल के अंश भी पाए गए हैं। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बारिश ने उड़ाई किसानों की नींद
अभी तो किसान पिछली बारिश और ओलावृष्टि की मार से उबर भी न पाए थे कि रविवार को फिर बारिश हो गई। इससे गेहूं की फसल को लेकर किसान चिंतित हैं। कई जगह फसल को नुकसान हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सोमवार को भी हल्की बारिश हो सकती है।
इस समय गेहूं की फसल पकने को तैयार हैं, लेकिन मौसम की आंख मिचौली ने किसानों की नींद उड़ा रखी है। अभी तक बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों को तगड़ी चोट दी है। गेहूं, आलू तथा सरसों की फसल को भारी नुकसान हो चुका है। मेरठ में पूरे मार्च के महीने में रिकार्ड 77.05 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। रविवार को फिर मौसम बदला और बारिश हुई। मेरठ में कुल 2.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसकी के साथ 10 से 15 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चली।
किसानों का कहना है कि यदि अब बारिश हुई और तेज हवा तो गेहूं की फसल पूरी तरह गिर जाएगी। इससे उत्पादन पर भी असर पड़ेगा। कृषि विवि के वैज्ञानिक डॉ. सतेंद्र कुमार खारी का कहना है कि बारिश से गेहूं की फसल के लिए इस समय बारिश ठीक नहीं है। बिजनौर में भी हल्की बारिश हुई। हालांकि रविवार का तापमान यहां 29 डिग्री सेल्सियस रहा। मुजफ्फरनगर में रविवार को रुक-रुककर रिमझिम बारिश हुई। मौसम में परिवर्तन के बाद भी दिन के तापमान पर कोई असर नहीं पड़ा यहां एक मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड की गई। शामली में तेज हवा से सरसों की पकी फसल को थोड़ा नुकसान हुआ है। सहारनपुर में हुई हल्की बरसात ने मौसम में कुछ ठंडक बढ़ा दी। बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई।
8 डिग्री सेल्सियस कम हुआ तापमान
मेरठ में बारिश के कारण पारा गिरा है। शनिवार को अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री दर्ज किया गया था तो रविवार को पारा 26.4 डिग्री के पार नहीं जा सका। न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सहारनपुर का अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहा।