फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   shobhan sarkar written open letter to modi

शोभन ने मोदी को चिट्ठी में क्या लिखा?

Mon, 21 Oct 2013 06:47 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 21 Oct 2013 06:47 PM IST
विज्ञापन
shobhan sarkar written open letter to modi

उन्नाव के गांव में खजाना होने का ख्वाब देखने वाले संत भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी पर भड़क गए हैं। उन्होंने कथित तौर पर गुस्से में मोदी को पत्र लिखा, जिसमें उन्हें खुली बहस की चुनौती दी।

विज्ञापन


मोदी ने मामले की संजीदगी को समझते हुए सोमवार सवेरे यू-टर्न लिया और शोभन सरकार की तारीफों के पुल बांधे। इस खुले पत्र में संत शोभन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी पर हमला बोलने के दौरान मोदी ने उनका अपमान किया है।
विज्ञापन


श्री शोभन आश्रम की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि छिपे खजाने से जुड़े स्वामी शोभन सरकार के दावों का उद्देश्य भारत को दुनिया की सबसे बड़ी वित्तीय ताकत बनाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


निशाने पर भाजपा और एनडीए सरकार
इस पत्र में बोफोर्स, काला धन और बेरोजगारी जैसे कई मुद्दों के मामले में नाकाम रहने पर मोदी और एनडीए को कठघरे में खड़ा किया गया है।

उन्होंने सवाल किया, "भाजपा आपकी ब्रांडिंग और अगले पीएम के रूप में आपको पेश करने को लेकर भारी पैसा खर्च कर रही है। मैं आपसे यह सवाल करना चाहता हूं कि यह पैसा कहां से आ रहा है? क्या यह काला धन है या सफेद?"

शोभन ने पत्र में लिखा है, "जब सैम पित्रोदा ने सरकारी सेक्टरों में कंप्यूटर की पैरवी की थी, तो अटल बिहारी वाजपेयी ने इसका विरोध किया था। क्या अब आप और आपकी पार्टी यह मानती है कि वह रुख गलत था?"

बोफोर्स का बवाल फिर आया
आगे लिखा गया है, "भाजपा बार-बार बोफोर्स मामला उठाती रहती है। जब आपका दल सत्ता में था, तो आरोपियों को क्यों दंडित नहीं किया गया?"

स्विस बैंकों में छिपे काले धन पर भी शोभन ने मोदी और भाजपा को नहीं बख्शा और कहा, "भाजपा काले धन के मुद्दे पर मौजूदा सरकार को निशाने पर लेने की कोई मौका नहीं चूकती। लेकिन जब एनडीए सत्ता में था, तो यह पैसा वापस क्यों नहीं लाया गया?"


पत्र में यह दावा भी किया गया है कि स्वामी शोभन सरकार राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं रखते। उन्होंने मोदी को बहस की खुली चुनौती दी है।

यह पत्र मोदी के उस बयान पर लिखा गया, जिसमें उन्होंने शुक्रवार को कहा था, "सरकार किसी सपने के आधार पर खुदाई कर रही है। लेकिन उस काले धन का क्या, जो स्विस बैंकों में रखा गया है। अगर वह वापस आ जाए, तो उसकी कीमत हजार टन सोने से कहीं ज्यादा होगी।"

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed