शिवसेना ने कहा 'विध्वंसकारी विकास की जिद न करे सरकार'
दुनिया के उद्योगपतियों को आकर्षित कर भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के लिए शनिवार को मुंबई में मेक इन इंडिया सप्ताह की शुरुआत हुई। लेकिन, इसके शुरू होने से पहले ही शिवसेना ने भाजपा पर निशाना साधा और कई तीखे सवाल किए। शिवसेना ने भाजपा सरकार को आगाह किया कि वह विध्वंसकारी विकास की जिद न करे।
बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स में मेक इन इंडिया सेंटर के उद्घाटन समारोह में शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे नदारद थे। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार इस समारोह में शामिल हुए।
राजनीतिक हलकों में उद्धव ठाकरे की अनुपस्थिति को लेकर पहले से ही यह चर्चा है कि भाजपा ने जानबूझ कर शिवसेना अध्यक्ष को इस समारोह से अलग रखा।वहीं, शिवसेना ने अपने मुखपत्र के संपादकीय में मेक इन इंडिया पर भाजपा से
महाराष्ट्र ने अब तक देश को भर-भर कर दिया है लेकिन मुंबई को तो अब तक लूटा ही गया है। पिछले 50 साल में मुंबई की छाती पर कई औद्योगिक समारोह हुए लेकिन मुंबई को उसमें अपना अधिकार पाने के लिए सदैव संघर्ष करना पड़ा है। अब तक राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बड़े-बड़े प्रतिनिधिमंडल लेकर विदेश के दौरे कर रहे थे।
विदर्भ और मराठवाड़ा में भी चले विकास का पहिया
शिवसेना ने कहा कि यदि हिसाब जोड़ा जाए तो जितना खर्च इन दौरों में हुआ,
उतने का भी निवेश राज्य में नहीं हुआ। ऐसे में सवाल यह है कि मेक इन इंडिया
सप्ताह में आने वाले 60 देशों के लोग तथा पांच हजार से अधिक उद्योग जगत के
प्रतिनिधि महाराष्ट्र को क्या देगें।
शिवसेना
ने कहा कि मेक इन इंडिया से दो लाख करोड़ रुपये के अनुबंध के साथ 12 लाख
रोजगार के सृजन का अनुमान है। लेकिन, मुंबई के साथ ही विदर्भ और मराठवाड़ा
जैसे क्षेत्र में भी विकास का पहिया चलना चाहिए। बीते एक साल में सिर्फ
विदर्भ में 1,328 और एक महीने में अकले मराठवाड़ा में 89 किसानों ने
आत्महत्या की है। यह मेक इन इंडिया का दूसरा पहलू है।
शिवसेना ने कहा कि
जैतापुर जैसी जहरीली परियोजना भविष्य में हजारों परिवार के रोजगार और
जिंदगी उजाड़ने वाली है। पालघर क्षेत्र में विदेशी निवेश के जरिए बाढ़वन
जैसे बंदरगाह बनाने से लाखो मछुआरे बेरोजगार होगे। शिवसेना ने भाजपा को
सलाह दी कि सरकार किसान और मेहनतकशों की जिंदगी तबाह करने वाले विकास की
जिद न करे। (मराठवाडा़ की एक तस्वीर)