फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   shivsena will not take part in one year celebration of narendra modi's government

मोदी सरकार को झटका देगी शिवसेना, कुछ यूं बनाया प्लान!

Sat, 23 May 2015 12:37 AM IST
Updated Sat, 23 May 2015 12:37 AM IST
विज्ञापन
shivsena will not take part in one year celebration of narendra modi's government

मोदी सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में 26 मई को आयोजित होने वाले उत्सव से शिवसेना ने कन्नी काटने की तैयारी कर ली है। पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे गर्मी की छुट्टियां बिताने लंदन रवाना हो गए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने इस बारे में शिवसैनिकों को कोई निर्देश भी नहीं दिया है।

विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि वह जून के दूसरे सप्ताह में स्वदेश लौटेंगे। उधर, महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना के बीच संबंध बेहतर बनाने के लिए गठित समन्वय समिति में भी शिवसेना शामिल नहीं हुई है।
विज्ञापन


शिवसेना केंद्र और राज्य की भाजपानीत सरकार में शामिल है और सत्ता का भरपूर लाभ ले रही है, लेकिन महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान दोनों पार्टियों के बीच बनी खाई अब तक भर नहीं पाई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भले ही दावा करते हैं कि शिवसेना के साथ उनके संबंध मधुर हैं और उद्धव ठाकरे से उनकी नियमित बातचीत होती है, लेकिन इसमें सच्चाई नहीं दिखती।
विज्ञापन
विज्ञापन

शिवसेना में नहीं उत्सुकता

shivsena will not take part in one year celebration of narendra modi's government

मोदी सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर 26 मई से पांच दिनों तक भाजपा कार्यकर्ता केंद्र सरकार की उपलब्धियां बताएंगे। इसको लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है, लेकिन शिवसेना में कोई उत्सुकता नहीं है।

शिवसेना के सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार के एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर पार्टी की ओर से किसी भी तरह का उत्सव नहीं मनाया जाएगा। इस बीच, महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष राव साहेब दानवे पाटिल ने घटक दलों के साथ बेहतर संबंधों को लेकर समन्वय समिति गठित कर दी है।

इस समिति में रामदास अठावले की आरपीआई, राष्ट्रीय समाज पार्टी के महादेव जानकर, विधायक विनायक मेटे और राजू शेट्टी की स्वाभिमानी शेतकरी (किसान) संगठन शामिल हैं, लेकिन शिवसेना इसमें शामिल नहीं है। चर्चा है कि शिवसेना ने समिति में शामिल होने से इनकार कर दिया है।

शिवसेना और भाजपा के बीच कई मुद्दों पर गतिरोध कायम

shivsena will not take part in one year celebration of narendra modi's government

सहयोगी पार्टी होने के बावजूद शिवसेना और भाजपा के बीच कई मुद्दों पर गतिरोध कायम है। केंद्र और राज्य मंत्रिमंडल में समुचित प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के कारण शिवसेना पहले से नाराज है।

इसके अलावा जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना, भूमि अधिग्रहण विधेयक, मुंबई विकास प्रारूप जैसे मुद्दों पर शिवसेना का विरोध कायम है। नाराजगी की एक वजह यह भी है कि भाजपा किसी भी प्रोजेक्ट पर वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर रही है।

हालांकि भूमि अधिग्रहण विधेयक को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उद्धव ठाकरे से फोन पर चर्चा कर समर्थन हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed