शिवसेना का नया दांव, केंद्र में मांगे दो मंत्री पद
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महाराष्ट्र में बहुमत सिद्ध करने से पहले मंत्रिमंडल विस्तार पर अड़ी शिवसेना अब नरम हो गई है और उसने केंद्र में एक के बजाय दो मंत्री पद दिए जाने की नई शर्त रख दी है।
अगर रविवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना को एक कैबिनेट और एक राज्यमंत्री पद मिला तो रविवार तक महाराष्ट्र में भाजपा सरकार को बिना शर्त समर्थन का ऐलान कर देगी।
हालांकि पार्टी की ओर से इसकी घोषणा नहीं की गई है लेकिन सूत्रों का दावा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में दो मंत्री पद मिलने के बाद शिवसेना न सिर्फ उपमुख्यमंत्री पद का दावा छोड़ देगी बल्कि बहुमत से पूर्व राज्य मंत्रिमंडल के विस्तार की मांग से भी पीछे हट जाएगी।
शिवसेना ने दो दिन पहले भाजपा को अल्टीमेटम दिया था कि विधानसभा में बहुमत सिद्ध होने से पहले कम से कम पार्टी के दो विधायकों को राज्य में कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई जाए, अन्यथा शिवसेना विपक्ष में बैठने का फैसला कर सकती है।
राज्य में बिना शर्त समर्थन देने को तैयार
बुधवार को मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शिवसेना के इस अल्टीमेटम को ठुकरा दिया था। उन्होंने साफ कहा है कि बहुमत सिद्ध करने से पहले राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं किया जाएगा।
सरकार में शामिल होने को लेकर शिवसेना ने नौ नवंबर को विधायकों की बैठक बुलाने का फैसला किया था, लेकिन फडणवीस के बयान के बाद शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने बृहस्पतिवार को पार्टी नेताओं की आनन-फानन में बैठक बुलाई।
जिसमें सुभाष देसाई, सांसद अनिल देसाई, राजन बिचारे, नीलम गोन्हे सहित विधायक एकनाथ शिंदे मौजूद रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक का एजेंडा राज्य को लेकर नहीं बल्कि केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में शिवसेना की भागीदारी को लेकर था।