शिवसेना की भाजपा को पैर जमीन पर रखने की नसीहत
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उपचुनाव में हार के बाद शिवसेना को भी भाजपा पर हमला बोलने का मौका मिल गया है।
लगे हाथ शिवसेना ने भाजपा को नसीहत दी है, "हवा में तलवारबाजी मत करो, जमीन पर पैर रखो। जीत का उन्माद मत चढ़ने दें और जनता को अपनी बपौती मत समझें। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए यह बड़ा सबक है।"
भाजपा-शिवसेना में कुछ दिनों से सीट बंटवारे को लेकर विवाद शुरू है। उपचुनाव के नतीजों के बहाने शिवसेना ने भाजपा को जमीनी हकीकत बताने की कोशिश की है।
शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए उपचुनाव में हार पर भाजपा को जमकर खरीखोटी सुनाई है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव किया है।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव के साथ मोदी लहर का संबंध नहीं जोड़ा जाना चाहिए क्योंकि लोकसभा चुनाव की अलग और विधानसभा चुनाव की लहर अलग होती है। जनता ने देश का कामकाज करने के लिए मोदी को जनमत दिया है। इसलिए लोकसभा चुनाव की हवा पर विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ा जा सकता।
पीएम मोदी का किया बचाव
उद्धव ने मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, "राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मोदी का काम बढ़िया चल रहा है। वे देश की सुरक्षा और घेरेबंदी को मजबूत करते हुए देश की प्रतिष्ठा को बढ़ा रहे हैं, लेकिन उनके 100 दिन का कामकाज जनता तक नहीं पहुंचा तो उसका जिम्मेदार कौन है?"
मोदी की प्रशंसा के साथ उद्धव ने भाजपा को घेरा है। सामना में लिखा, "उत्तर प्रदेश उपचुनाव में ‘लव जेहाद’ का मुद्दा काम नहीं आया। उल्टे चारो खाने चित हुई यादव पार्टी को उभरने का मौका मिल गया। राजस्थान में भी कांग्रेसी घास अंकुरित हो गई। पर, मजे की बात यह है कि कांग्रेसी जीत का श्रेय लेने के लिए दिल्ली में एक भी नेता मौजूद नहीं है। कोई यह नहीं कह सकता कि यह जीत सोनिया गांधी और राहुल गांधी की वजह से हुई है।"