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मोदी के दबाव में झुकने को मजबूर हुए शिवराज

Wed, 08 Jul 2015 12:38 PM IST
Updated Wed, 08 Jul 2015 12:38 PM IST
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Shivraj singh chauhan in crisis after announcing a CBI probe

व्यापम घोटाले के सियासी भंवर में फंसे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का संकट गहरा गया है। मामले की सीबीआई जांच के ऐलान बावजूद उनके ऊपर बना चौतरफा दबाव ज्यों का त्यों है।

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सूत्रों के मुताबिक एक दिन पहले तक केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के शिवराज का खुलकर बचाव करने के बावजूद पीएम नरेंद्र मोदी के संदेश पर सीएम ने मामले की सीबीआई जांच की घोषणा की है। सोमवार को राजनाथ ने सीबीआई जांच की मांग स्पष्ट रूप से खारिज कर दी थी।
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बताया जाता है कि विदेश रवाना होने से पहले ही प्रधानमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को निर्देश दिया था कि मामला गहराने पर पार्टी सीबीआई जांच से पीछे न हटे। इसके बाद सोमवार को शाह ने शिवराज को खुद निर्देश देने के बजाय राज्य के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे के जरिए अपना फैसला बता दिया था।
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शाह ने गृहमंत्री राजनाथ से भी कहा कि वे चौहान को सीबीआई जांच के लिए तैयार होने को कहें। माना जा रहा है कि पीएम सीबीआई जांच का ऐलान कर कांग्रेस को सवाल उठाने का मौका नहीं देना चाहते हैं।

बड़ा सवाल, पद पर रहते हुए ही जांच या सीएम पद छोड़ेंगे शिवराज

Shivraj singh chauhan in crisis after announcing a CBI probe

सीबीआई जांच की पेशकश के बाद शिवराज इस कदर घिरे हैं कि उनके सियासी सफर को लेकर कयास लगने लगे हैं। बड़ा सवाल यह उठने लगा है कि क्या उनके पद पर रहते हुए ही जांच चलेगी या फिर नैतिकता की मिसाल पेश करते हुए वे मुख्यमंत्री पद का त्याग करेंगे।

पार्टी में अंदरखाने भी शिवराज की सियासी पारी को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। दो साल पहले भगवा परिवार के एक धडे़ की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पीएम पद के दावेदारों में गिने जाने वाले शिवराज के दामन पर ऐसा दाग लगा है कि उनकी सियासी पारी अब सीबीआई के रहमोकरम पर निर्भर हो गई है।

विपक्ष की ओर से उनके इस्तीफे की मांग के साथ पार्टी के भीतर से भी उनके खिलाफ आवाज बुलंद होने लगी हैं। मध्य प्रदेश की राजनीति से बाहर कर दी गईं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने शिवराज पर अपरोक्ष हमला बोलकर इरादे जता दिए हैं।

संघ के लिए भी लंबे समय तक शिवराज की सियासी पारी की रक्षा करना मुश्किल होगा, क्योंकि व्यापम की आंच संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी और पूर्व संघ प्रमुख दिवंगत सुदर्शन तक पहुंचने की चर्चा है।

सीबीआई जांच के जरिए व्यापम का दायरा किस ओर बढ़ेगा इसको लेकर भी अनिश्चितता कायम है। शायद यही वजह रही थी कि शिवराज अब तक मामले पर सीबीआई जांच से दूरी बरत रहे थे।

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