फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   Shivraj should listen his cabinet colleague on fish, frog issue.

शिवराज की मंत्री ने बताए मछली और मेंढक से जुड़े फायदे

Tue, 02 Jun 2015 08:54 PM IST
Updated Tue, 02 Jun 2015 08:54 PM IST
विज्ञापन
Shivraj should listen his cabinet colleague on fish, frog issue.

जहां एक ओर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंगनवाड़ी केंद्रों में मिलने वाले खाने में अंडे को शामिल करने से मना कर दिया है। या कहें की सरकार की ओर से आंगनवाड़ी केंद्रों में अंडे पर बैन लगा दिया गया है। वहीं उनकी ही सरकार में शामिल कैबिनेट मंत्री का विचार इससे अलग है।

विज्ञापन


शिवराज सरकार में पशुपालन मंत्री कुसुम मेहदले की मानें तो शायद ही कोई ऐसा खाने वाला होगा जो मेंढक के पैर और मछलियों के गुणों को नहीं जानता होगा।

कुसुम मेहदले और शिवराज सिंह चौहान दोनों ही कट्टर शाकाहारी हैं। दोनों ही सोमवार को एक राज्यस्तरीय मछुआरों के सेमिनार में शिरकत के लिए पहुंचे थे। ये कार्यक्रम जवाहर लाल नेहरू कृषि विद्यालय, जबलपुर की ओर से रखा गया था।

विज्ञापन

मछुआरों के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री

Shivraj should listen his cabinet colleague on fish, frog issue.

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आंगनवाड़ी केंद्रों में मछलियां पहुंचाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए जिससे कि बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके इस कदम कई बच्चों को लाभ हुआ है।

कार्यक्रम में बोलते हुए कैबिनेट मंत्री ने कुछ ऐसा कहा जिससे वहां मौजूद लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट आ गई। उन्होंने कहा कि आपने जरूर खाया होगा या फिर आपने सुना होगा कि मेंढ़क के पैर कितने खाने में कितने स्वादिष्ट होते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि वह जब मांसाहारी थी तो उन्हें मछली खाना बहुत पसंद था। इतना ही नहीं इस मुद्दे पर उन्हें लोगों से बात करने में कोई बुराई नजर नहीं आती। अगर लोग मछली नहीं खाएंगे तो मछुआरों के पास पैसे कहां से आएंगे।

नॉनवेज होने में कोई बुराई नहीं: मेहदले

Shivraj should listen his cabinet colleague on fish, frog issue.

कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि वह चाहती है कि जल्द ही पूरा मध्य प्रदेश मछलीमय और कछुआमय हो जाए। जब इस मुद्दे पर मेहदले से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मांसाहारी होने में कोई बुराई नहीं है। अगर वो अपने घरों में मछली या फिर दूसरा नॉन-वेज खाना बनाते हैं।

हालांकि शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मछुआरों को लेकर सरकार खास कदम उठा रही है जिससे की उन्हें फायदा मिले। इसके लिए ब्याज रहित कर्ज की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मछुआरों की नौकरी बेहद कठिन होती है। सरकार उनके लिए 2 लाख के एक्सिडेंट इंश्योरेंस की व्यवस्था करेगी।

बता दें कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में एक प्रस्ताव पेश किया है जिसमें उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों में मिलने वाले खाने में अंडा करी या फिर उबले हुए अंडे पर रोक लगाने का जिक्र किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed