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’अटल और आडवाणी हमेशा मार्गदर्शक रहेंगे’

Thu, 28 Aug 2014 03:45 PM IST
Updated Thu, 28 Aug 2014 03:45 PM IST
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भाजपा के संस्थापक नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को किनारे करने की बातों को खारिज किया है।

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उन्होंने कहा कि वे हमेशा पार्टी के लिए मार्गदर्शक रहेंगे। भाजपा ने इन तीनों बुजुर्ग नेताओं को संसदीय बोर्ड से हटा दिया है।

 
अक्तूबर में मध्य प्रदेश में होने वाली वैश्विक निवेशक सम्मेलन के प्रचार के सिलसिले में यहां आए चौहान ने कहा, ‘यह सवाल ही नहीं उठना चाहिए। पार्टी के संस्थापक अटल बिहारी वाजपेयी, लाल कृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी हमारे मार्गदर्शक हैं।’

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उन्होंने कहा, ‘इन नेताओं ने पार्टी को खड़ा करने में अपना पूरा जीवन लगा दिया और पार्टी आगे भी उनके मार्गदर्शन में बढ़ती रहेगी। उन्हीं की वजह से लाखों लोग पार्टी से जुड़े। भविष्य में भी सरकार और संगठन उनके दिशानिर्देश में काम करते रहेंगे।’ दागी नेताओं के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के संबंध में चौहान ने कहा कि इस संबंध में हमारा पक्ष पहले से ही साफ है। आपराधिक पृष्ठभूमि और भ्रष्टाचार के आरोपों वाले नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल करना सही नहीं है।

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अमित शाह ने किया बाहर

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अमित शाह ने भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड के सदस्यों को चुनाव किया था। इन सदस्यों में अमित शाह ने सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वैंकेया नायडू, अनंत कुमार, नितिन गडकरी की सदस्यता बनाए रखी।

वहीं शिवराज सिंह चौहान और जेपी नड्डा को संसदीय बोर्ड में नए सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। गौरतलब है कि अमित शाह ही भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं।

वहीं पूर्व उप प्रधानमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी और पूर्व मानव संसाधन मंत्री मुरली मनोहर जोशी को संसदीय ‌बोर्ड में जगह नहीं दी थी। इन दोनों वरिष्ठों को नए बनाए गए मार्गदर्शक मंडल का सदस्य बनाया गया है।

पहले थावर सिंह गहलोत और अनंत कुमार को संसदीय बोर्ड से बाहर निकालने की बाते सामने आ रही थी। पर दोनों को ही संसदीय बोर्ड में जगह बरकरार रखी गई है।

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