हिंदूवादी दलों को शिवपाल ने दी कड़ी चेतावनी
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कल्कि पीठाधीश्वर एवं अखिल भारतीय संत समिति के चेयरमैन आचार्य प्रमोद कृष्णम् ने यूपी सरकार से बजरंग दल और विहिप पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि धर्मातरण के मुद्दे को हवा देकर देश को भाषा और धर्म के नाम पर तोड़ने की साजिश हो रही है। धर्मांतरण धंधा बन गया है।
इसी के साथ ही लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने भी बजरंग दल और विहिप को चेतावनी दी है कि वे सुधर जाएं वरना सरकार के स्तर पर इन संगठनों पर कार्रवाई की जाएगी। प्रदेश सरकार किसी भी सूरत में उन्माद नहीं फैलने देगी।
मंत्री और संत द्वय गुरुवार को इटावा में सिंचाई विभाग के डाक बंगले में पत्रकारों से मुखातिब थे।
शिवपाल ने मोदी सरकार पर साधा निशाना
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहाकि धर्मांतरण पर अब कानून बनाने की जरूरत नहीं है। पहले से ही कानून मौजूद है। कानून से ज्यादा बौद्धिक विकास की जरूरत है। व्यक्ति की इच्छा से परमात्मा उसे पैदा करता है। इसलिए जन्म के बाद धर्म परिवर्तन करना परमात्मा की इच्छा के विरुद्ध कार्य है। धर्मांतरण के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर कहा कि लड़ाई वर्चस्व की है। मोदी और आरएसएस में कौन शक्तिशाली है। मोदी को स्पष्ट करना चाहिए कि बजरंग दल और संघ जो कह रहा है वह उससे सहमत हैं या नहीं। आचार्य प्रमोद ने संतों के राजनीति में आने की वकालत की। स्कंध पुराण का जिक्र करते हुए कहा कि कलियुग में भगवान का दसवां कल्कि अवतार संभल में होगा।
वहीं शिवपाल सिंह यादव ने मोदी सरकार पर निशाना साधा कि कालाधन वापस लाने, बेरोजगारों को तीन महीने में नौकरी देने, किसानों को लाभकारी मूल्य देने के वादे छह माह बाद भी पूरे नहीं हुए हैं। इसके विपरीत केंद्र सरकार ने लेवी को 60 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया। जब कोई वादा पूरा नहीं कर पाए तो धर्म परिवर्तन के मुद्दे को हवा दे रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने किसान नेता चौधरी चरण सिंह, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद, ख्यातिप्राप्त गीतकार गोपालदास नीरज और समाजवादी नेता डा. राममनोहर लोहिया को भी भारत रत्न दिए जाने की मांग की।