'हिंदू राष्ट्र कहने के लिए किसी परमिशन की जरूरत नहीं'
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मंगलवार को दिए इस बयान के जरिए उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के बयान का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा है कि सबसे पहले दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने हिंदुस्तान-हिंदू राष्ट्र की भूमिका जाहिर की थी। उस दौरान उन पर भी इसी तरह की टिप्पणी की गई थी।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि दिवंगत शिवसेना प्रमुख से अलग हमारी भूमिका नहीं हो सकती। इसलिए हिंदुस्तान को हिंदू राष्ट्र कहने के लिए किसी से परमिशन लेने की आवश्यकता नहीं है।
'हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है'
मोहन भागवत ने रविवार को मुंबई में विश्व हिंदू परिषद के स्वर्ण जयंती महोत्सव में कहा था कि हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है। हिंदुत्व से राष्ट्र की पहचान है और यह अन्य धर्मों को खुद में समाहित कर सकता है।
इससे पहले भागवत ने ओडिशा में कहा था कि सभी भारतीयों की सांस्कृतिक पहचान हिंदुत्व है और देश के वर्तमान निवासी इस महान संस्कृति के वंशज हैं।
जब जर्मनी में रहने वाले जर्मन, अमेरिका में रहने वाले अमेरिकी हो सकते हैं तो हिंदुस्तान में रहने वाले सभी हिंदू क्यों नहीं हो सकते? मंगलवार को उद्धव ठाकरे ने अपने निवास स्थान मातोश्री में शिवसेना सांसदों की बैठक बुलाई थी।
इस दौरान नांदेड़ में महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले प्रतापराव चिखलीकर को पार्टी में शामिल करने की घोषणा करते हुए उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व पर अपनी भूमिका जाहिर की।