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'रमजान में रेप पर क्यों नहीं होता बवाल'

Fri, 25 Jul 2014 02:03 PM IST
Updated Fri, 25 Jul 2014 02:03 PM IST
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shiv sena chief uddhav thackeray attack on media and opponent on rozi roti issue

दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में रोटी खिलाने पर हुए बवाल के बाद घिरी शिवसेना की ओर से उद्धव ठाकरे ने मोर्चा संभाला है। सेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस पर मामले को सांप्रदायिक रंग देने का आरोप लगाया है।

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साथ ही उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र सामना में छपे संपादकीय में रोजा-रोटी विवाद पर जमकर आग उगली।

सामना के संपादकीय में लिखा है कि मीडिया और विपक्षी दलों को रोटी खिलाए जाने का मुद्दा दिखाई देता है लेकिन अफगानिस्तान में रमजान के दौरान मौलवी 10 साल की बच्ची के साथ रेप करता है ये दिखाई नहीं देता है।

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बंगलूरू मुद्दे पर भी उठाए सवाल

shiv sena chief uddhav thackeray attack on media and opponent on rozi roti issue

संपादकीय में आगे‌ बंगलूरू रेप केस पर भी सवाल उठाए गए हैं। संपादकीय में लिखा गया क‌ि रोजे में 6 साल की बच्ची से रेप करने वाले मामले पर मीड‌िया चुप रहता है। इसका मतलब रमजान में रोटी खिलाना गलत है लेकिन रेप जायज है।

अपने संपादकीय में उद्धव ठाकरे ने जबरन मीड‌िया और व‌िपक्षी दलों पर इस मामले को तूल और सांप्रदाय‌िक रंग देने का आरोप लगाया है।

हम सभी धर्मों की इज्जत करते हैं

shiv sena chief uddhav thackeray attack on media and opponent on rozi roti issue

संपादकीय में आगे ल‌िखा है क‌ि शिवसेना सभी धर्मों का सम्मान करती है। अगर कोई मुद्दा बनाकर इस पर बवाल करता है तो इस पर हम क‌ुछ नहीं कर सकते। सभी को अपने धर्म का अनुपालन करने का अध‌िकार है।

शिवसेना ने सामना में लेख के जरिए महाराष्ट्र सदन में सांसदों के कृत्य का समर्थन किया है। लेख में कहा गया है कि सांसद जो रबर की रोटी खा रहे थे वह मुख्यमंत्री, पीडब्लूडी मंत्री और सदन के आयुक्त को खिलाया जाता तो उन्हें महाराष्ट्र सदन में चल रही मनमानी का अंदाजा हो जाता।

महाराष्ट्र सदन में न पीने का पानी, न साफ सफाई और घटिया खाना जैसी सारी मुसीबतें नकद पैसे देकर लिया जाएगा तो संताप तो होगा ही, इसलिए सांसदों का गुस्सा भड़क उठा। लेकिन इस भड़की हुई चिनगारी को राजनीतिक और धार्मिक रंग देकर उसे दावानल का रूप देने की कोशिश महाराष्ट्र मंत्रालय से हो रही है।

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