पोत हादसा: लापता नौसैनिकों की तलाश जारी
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विशाखापट्टनम में रूटीन अभ्यास के दौरान डूबे नौसेना के टॉरपीडो पोत हादसे में लापता चार नौसैनिकों की तलाश अब भी जारी है। बृहस्पतिवार की रात हुए हादसे के बाद नौसेना ने जांच के आदेश दिए हैं।
इस घटना में एक नौसैनिक की मौत हो थी और 23 को बचा लिया गया था। लापता चार नौसैनिकों में एक अफसर भी शामिल है। नौसेना ने अभ्यास के दौरान डूबे टॉरपीडो रिकवरी वैसेल हादसे की जांच के लिए एक बोर्ड गठित कर दिया है।
जांच बोर्ड का नेतृत्व कैप्टन स्तर का अफसर करेगा। हादसे के चलते नौसेना प्रमुख चीफ एडमिरल आर के धवन ने 9 नवंबर तक सेशल्स की यात्रा संक्षिप्त कर दी है और वह जल्द ही घटना स्थल पहुंच सकते हैं।
नौसेना के प्रवक्ता डीके शर्मा ने बताया कि लापता नौसैनिकों की खोज में रात भर पूर्वी बेड़े के 9 जहाज और बोइंग पी81, एसकेजी 42सी सहित अंधेरे में देख पाने में सक्षम विमानों और चेतक हेलीकाप्टरों से अभियान चलाया गया।
विदेशी दौरा छोड़ लौट रहे हैं नौसेना प्रमुख
प्राथमिक जानकारी के आधार पर नौसेना सूत्रों का कहना है कि पोत डूबने का कारण इंजन रूम और एएफटी स्टेरिंग कंपार्टमेंट में समुद्र का पानी घुसना हो सकता है। इस जहाज का निर्माण गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा 1983 में किया गया था और यह पिछले 31 सालों से नौसेना में शामिल था।
मालूम हो कि ऐसे पोत की औसत आयु 20-25 साल मानी जाती है लेकिन ऐसे कई उदाहरण हैं जहां पुराने पोत लंबे समय तक नौसेना में शामिल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि नौसेना में बढ़ते हादसों के चलते ही पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल जोशी ने आईएनएस सिंधुरत्न अग्निकांड के बाद इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद 17 अप्रैल को धवन ने कमान संभाली थी। इससे पहले 31 अक्तूबर को विशाखापट्टनम के ही निकट आईएनएस कोरा भी एक छोटे से हादसे का शिकार हुआ था।
आगामी रविवार को चेन्नई तट पर होने वाले पूर्वी कमान बेड़े के अभ्यास को नौसेना ने निरस्त कर दिया है। विशाखापट्टनम में पोत डूबने और लापता नौसैनिकों की तलाशी अभियान के मद्देनजर यह फैसला लिया गया।
नौसेना प्रभारी (तमिलनाडु व पुडूचेरी) कमांडर के महादेवन ने कहा कि समुद्र में अभ्यास को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है क्योंकि ज्यादातर जहाज खोजी और बचाव अभियान में लगे हैं। इसके पीछे मध्य खाड़ी में सघन होता दाब भी एक कारण है।