शनि शिंगणापुर मंदिर ट्रस्ट की पहली बार महिला बनी अध्यक्ष
महाराष्ट्र के प्रतिष्ठित शनि शिंगणापुर मंदिर के ट्रस्ट का अध्यक्ष पहली बार एक महिला को चुना गया है। सोमवार को महिला अध्यक्ष चुने जाने के बावजूद परंपरा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और पहले की तरह मंदिर में महिलाओं के पूजा करने पर रोक जारी रहेगी।
सोमवार को अनीता शेटे को सर्वसम्मति से मंदिर ट्रस्ट का अध्यक्ष चुना गया। इस मंदिर के इतिहास में पहली बार किसी महिला को ट्रस्ट प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया है।
अनीता शेटे के अलावा एक और महिला वैशाली लांडे को भी 11 सदस्यीय ट्रस्ट में शामिल किया गया है। अनीता शेटे की अध्यक्षता वाली यह टीम पांच साल तक ट्रस्ट की जिम्मेदारी संभालेगी।
बीते साल नवंबर महिला ने की थी पूजा
अध्यक्ष चुने जाने के बाद अनीता शेटे ने साफ किया कि मंदिर की परंपरा के अनुसार महिलाओं को पूजा की अनुमति नहीं होगी। इस मंदिर का 400 साल पुराना इतिहास है। यहां पुराने जमाने से ही महिला श्रद्धालुओं को शनि देव की पूजा करने से रोका जाता है।
बीते 29 नवंबर को एक महिला ने सुरक्षा घेरा तोड़कर मंदिर के चबूतरे पर पहुंचकर पूजा अर्चना की थी। इसके बाद हंगामा मच गया था। महिला और उसके पूजा वाला वीडियो भी वायरल हो गया था।
उस दौरान मंदिर ट्रस्ट की चुनाव प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी थी। मंदिर का ट्रस्टी चुने जाने की मुख्य शर्त यह है कि वह अनिवार्य रूप से शिंगणापुर ग्राम का ही निवासी हो। उसका जन्म शिंगणापुर ग्राम पंचायत के अंदर ही होना चाहिए। इस गांव की आबादी करीब 1500 है।