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'हिंदू आतंकवाद' बयान पर शिंदे ने जताया खेद
नई दिल्ली/ब्यूरो
Updated Wed, 20 Feb 2013 10:02 PM IST
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हिंदू आतंक संबंधी अपने बयान पर आखिरकार केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को झुकना पड़ा। भाजपा के तीखे तेवरों के चलते संसद के बजट सत्र पर लटक रही हंगामे की आशंका को देखते हुए शिंदे ने कांग्रेस के जयपुर चिंतन शिविर में दिए अपने बयान पर बुधवार को खेद जता दिया।
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बजट सत्र की पूर्व संध्या पर एनडीए को भेजे पत्र में शिंदे ने कहा है कि किसी धर्म को आतंक से जोड़ने का उनका इरादा नहीं था। इतना ही नहीं शिंदे ने यह भी साफ कर दिया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोई आतंकी शिविर नहीं चलाते हैं। शिंदे के इस बयान से लगभग एक माह से चल रहा विवाद खत्म हो गया है।
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गृह मंत्री शिंदे के इस बयान का भाजपा ने स्वागत किया है। पार्टी प्रवक्ता निर्मला सीतारमन ने कहा है कि शिंदे का यह बयान उन लोगों के लिए सबक है जो भाजपा और संघ पर गलत आरोप लगाते रहते हैं। उन्होंने कहा कि शिंदे के बयान से लोगों में भारी गुस्सा था।
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बहरहाल, विवाद खत्म हो जाने के बाद अब संसद की कार्यवाही सुचारु तौर पर चलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे पहले भाजपा ने लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक और दिल्ली के जतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान शिंदे को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि वे अपना बयान सिद्ध करें अन्यथा माफी मांगे।
यूपीए सरकार को चुनौती देते हुए पार्टी नेताओं ने कहा था वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भाजपा पर पाबंदी लगा कर दिखाए। भाजपा के तेवरों से सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ने की आशंका बन गई थी। शिंदे ने कांग्रेस के जयपुर के चिंतन शिविर में भाजपा व संघ पर आतंकी प्रशिक्षण केंद्र चलाने का आरोप जड़ दिया था।
इसके बाद भाजपा उनके खिलाफ मैदान में उतर आई थी। भाजपा के तीखे रुख को देख शिंदे नरम पड़ गए। उन्होंने खेद जताने से पहले लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज के साथ बैठक की। इसी में समझौते का रास्ता तलाशा गया।
वैसे सर्वदलीय बैठक के बाद ही सुषमा और संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ की ओर से संकेत मिल गए थे कि शिंदे अपने बयान से पीछे हट सकते हैं। दरअसल, सरकार को संसद में रेल बजट और आम बजट से लेकर कई विधेयक पारित कराने के लिए भाजपा के सहयोग की जरूरत पड़ेगी, जबकि भाजपा के तेवरों से सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ने के आसार बन गए थे। इसलिए सरकार ने इस विवाद को निपटा लेने में ही भलाई समझी।
इससे पहले सुषमा ने सर्वदलीय बैठक में कहा था कि गृहमंत्री व सदन के नेता शिंदे जब भाजपा को आतंकी संगठन मानते हैं तो उन्हें अपनी बात साबित करनी चाहिए और भाजपा के सांसदों-नेताओं को जेल में डालना चाहिए। अन्यथा उन्हें माफी मांगनी होगी।
जंतर-मंतर पर शिंदे के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली समेत लगभग सभी नेताओं ने भी कमोबेश यही बात कही थी।