फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   News Archives ›   India News Archives ›   shinde distance from rahul on ISI remark

राहुल के बयान पर 'अपने' भी नहीं दे रहे साथ

Sat, 26 Oct 2013 01:53 PM IST
अमर उजाला, दिल्ली
अमर उजाला, दिल्ली Updated Sat, 26 Oct 2013 01:53 PM IST
विज्ञापन
shinde distance from rahul on ISI remark

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने शुक्रवार को राहुल गांधी के उस विवादास्पद बयान से अपने आप को दूर कर लिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई मुज्जफरनगर दंगा पीड़ितों के संपर्क में है।

विज्ञापन


भारतीय खुफिया विभाग ने भी साफ कर दिया है कि उसे ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है। शिंदे से जब राहुल के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई तब उन्होंने कहा, "मैं इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहता।"
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आईबी और गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने बताया है कि ऐसी कोई भी जानकारी मौजूद नहीं है। गृह मंत्रालय के आतंरिक सुरक्षा विभाग को भी इसकी कोई जानकारी नहीं है। यही विभाग इस तरह के अलर्ट पर गौर करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने स्थानीय खुफिया यूनिट से ऐसे प्रमाण पर गौर करने को कहा है, जिससे यह जाहिर हो कि आईएसआई ने ऐसी कोशिश की है।

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि 2002 के गुजरात दंगों या बाबरी मस्जिद गिराए जाने के वक्त मुस्लिम युवकों को भड़काने की कोशिश की गई थी। खुफिया सूत्रों ने कहा कि अगर ऐसी बातों में सच्चाई है तो इसपर कदम उठाए जाएंगे।

राहुल गांधी ने गुरुवार को इंदौर रैली के दौरान कहा था कि उन्हें एक खुफिया अधिकारी दो दिन पहले मिलकर जानकारी दी कि पाकिस्तानी खुफिया विभाग ने मुज्जफरनगर दंगों के पीड़ितों से संपर्क किया था, जिनके परिवार वाले इस दंगों में मारे गए थे।

राहुल ने कहा था कि पाकिस्तानी एजेंसी ने उन 10-15 मुसलमान लड़कों से संपर्क किया था, जिनके भाई और बहन इन दंगों में मारे गए थे। कांग्रेस का अल्पसंख्यक विभाग भी इस बात से इत्तफाक नहीं रखता।

कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष खुर्शीद अहमद सय्यद से जब यह पूछा गया कि क्या आपको लगता है कि सांप्रदायिक दंगों के पीड़ितों को आतंकी संगठन में शामिल किया जाता है, उन्होंने कहा कि गुजरात से कभी कोई आतंकी पैदा नहीं हुआ।


राहुल के इस बयान की तीखी आलोचना हो रही है। जेडीयू के केसी त्यागी ने कहा कि यह तो पूरी मुस्लिम समुदाय का अपमान है। भाजपा ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। उसका कहना है कि राहुल उन अधिकारियों के नाम बताएं, जिन्होंने उन्हें यह जानकारी दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed