शिंदे ने कहा येड़ा मुख्यमंत्री है केजरीवाल
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दिल्ली पुलिस के बहाने केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बीच जुबानी जंग अमर्यादित हो गई है।
एक दिन पहले तक केजरीवाल के निशाने पर रहे शिंदे ने बुधवार को पलटवार करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री को ‘येड़ा’ यानी पागल करार दिया।
एक कार्यक्रम के दौरान शिंदे ने बताया कि क्यों उन्हें केजरीवाल के धरने की वजह से पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द करनी पड़ी।
इसलिए नहीं दी पुलिसकर्मियों को छुट्टी
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली में एक कार्यक्रम में उन्होंने अपने पुलिस सेवा के दिनों को याद करते हुए कहा, 'जब वह मुंबई के बांद्रा इलाके के खेरवाड़ी पुलिस थाने में तैनात थे तो शिव सेना के दंगों की वजह से उनकी छुट्टी रद्द कर दी गई थी।'
इस तरह दिल्ली में मंगलवार को एक 'येड़ा' मुख्यमंत्री के धरना पर बैठने के कारण उनको पुलिसकर्मियों की छुट्टी रद्द करनी पड़ी।
शिंदे 1970 के दशक में पुलिस विभाग में तैनात थे और काम के बोझ के कारण शादी के बाद उनको छुट्टी नहीं मिली थी।
केजरीवाल के तल्ख बयान
दिल्ली के सीएम ने कहा था कि सुशील कुमार शिंदे को दिल्ली की जनता ने नहीं चुना, यहां की जनता हमसे जवाब मांगती है।
ईमानदार पुलिस अधिकारी छुट्टी लेकर या वर्दी उतारकर हमारे साथ आ जाएं। अगर पुलिस आयुक्त तंग करता है तो उसे मैं देख लूंगा।
एक मुख्यमंत्री के कहने पर एसएचओ, एसीपी निलंबित या ट्रांसफर नहीं कर सकते तो जनता ने क्यों चुनकर भेजा है। पुलिस आयुक्त को ही मुख्यमंत्री बना लेते?
'मैं अराजकतावादी हूं'
केजरीवाल ने सवाल दागा था कि ये कैसा गणतंत्र है। सिर्फ झांकियां निकालने से गणतंत्र नहीं बनता। लोगों के घर में अव्यवस्था है। यहां धरने पर बैठकर मनाएंगे गणतंत्र।
राजनीतिक दल मुझे अराजकतावादी कह रहे हैं। मैं मानता हूं कि मैं अराजकतावादी हूं। देशभर के प्रत्येक नागरिक के घर में अराजकता फैली है। ऐसे में यहां बैठकर हम शिंदे के घर में अराजकता फैलाने आए हैं।
भाजपा और कांग्रेस वाले कहते हैं कि विजिलांटिज्म कर रहे हैं मंत्री। तो क्या अगर जनता गुहार लगाए और पुलिस कार्रवाई न करें तब मंत्री रजाई तानकर सो जाएं।