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बिना टीईटी के शिक्षक बनेंगे शिक्षा मित्र
अमर उजाला, झांसी
Updated Tue, 24 Sep 2013 01:23 AM IST
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उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि प्रदेश के स्कूलों में तैनात शिक्षा मित्रों को अगले वर्ष पूर्णकालिक शिक्षक का दर्जा दिया जाएगा।
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इन शिक्षा मित्रों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करने की जरूरत नहीं होगी। शिक्षा का स्तर ऊंचा करने के लिए परिषदीय स्कूलों में खाली पड़े शिक्षकों के रिक्त पदों पर भी जल्द नियुक्ति की जाएगी।
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वह सोमवार को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय स्थित गांधी सभागार में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
श्री चौधरी ने बताया कि उच्च प्राथमिक स्कूलों को पूर्णत: कंप्यूटरीकृत कराया जाएगा। शासन स्तर पर रूपरेखा तैयार कर ली गई है। उन्होंने कहा कि कान्वेंट की तर्ज पर अब सरकारी स्कूलों में भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई की योजना बनाई जा रही है।
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इसके लिए जल्द ही अंग्रेजी शिक्षकों की तैनाती की जाएगी। इतना ही नहीं विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को भी अंग्रेजी बोलने के लिए मास्टर ट्रेनर के जरिए प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। ऐसा होने पर कान्वेंट की राह पकड़ने वाले छात्र एक बार फिर सरकारी स्कूलों की ओर रुख करेंगे।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संस्कृत व संगीत शिक्षकों की नियुक्ति पर फिलहाल रोक लगी है, जल्द ही इन विषयों के शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
बेसिक शिक्षा मंत्री ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में खाली पडे़ शिक्षकों के पद को भरने के मुद्दे पर उनकी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ बैठक हो चुकी है। जल्द ही मुख्यमंत्री इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे।
स्कूलों में खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए दो महीने पहले लगभग 41 हजार अनुदेशकों की भर्ती की जा चुकी है। रिक्त बच गए पदों पर भी अनुदेशकों की बहाली की जाएगी।
शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए शासन स्तर से सभी बेसिक शिक्षाधिकारी व खंड शिक्षाधिकारियों को प्रत्येक माह दस- दस स्कूलों के औचक निरीक्षण का लक्ष्य दिया गया है। शासन स्तर पर प्रत्येक जिले से आने वाली रिपोर्ट पर निगाह रखी जा रही है।