शीला दीक्षित को मिली राहत, नहीं देंगी इस्तीफा!
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केरल की राज्यपाल शीला दीक्षित का कहना है कि उन्हें केंद्र की तरफ से इस्तीफा देने का कोई संकेत नहीं मिला है और उन्हें तिरुवनंतपुरम राजभवन से ट्रांसफर किए जाने के कदम की कोई जानकारी नहीं है।
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। हालांकि उन्होंने इस बैठक को ‘शिष्टाचार मुलाकात’ बताया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या आपको इस बात की जानकारी है कि केंद्र में आपका ट्रांसफर केरल से पूर्वोत्तर के राज्य में किए जाने की चर्चा है, इस पर उन्होंने कहा कि वह नहीं जानती कि भविष्य में क्या होगा। उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानती कि अगले 10 दिनों में या फिर 10 महीनों में क्या होगा।’
मोदी सरकार ने हटा चुकी है कई राज्यपाल
एनडीए सरकार के दबाव में अब तक पांच राज्यों के राज्यपाल बीएल जोशी (यूपी), एमके नारायणन (पश्चिम बंगाल), शेखर दत्त (छत्तीसगढ़), अश्विनी कुमार (नगालैंड) और बीवी वांछू (गोवा) इस्तीफा दे चुके हैं। जबकि एचआर भारद्वाज (कर्नाटक) और देवानंद कंवर (त्रिपुरा) पिछले महीने रिटायर हो चुके हैं।
हालांकि यूपीए सरकार में नियुक्त किए गए कुछ राज्यपाल अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं। शीला दीक्षित के अलावा महाराष्ट्र के राज्यपाल के शंकरनारायणन, हरियाणा के राज्यपाल जगननाथ पहाड़िया और पंजाब के गवर्नर शिवराज वी पाटिल इन्हीं में से एक हैं।
गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल को मिजोरम ट्रांसफर कर दिया गया और मिजोरम के राज्यपाल वाकोम पुरुषोत्तम को नगालैंड शिफ्ट कर दिया गया है।